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Jaunpur News: दहेज हत्या में पति सहित पांच दोषियों को सात साल की सजा
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जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने सुरेरी थाना क्षेत्र में विवाहिता परवीन बानो की दहेज के लिए हत्या के मामले में पति सहित पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है।
अदालत ने सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जलालपुर थाना क्षेत्र के राजेपुर त्रिमुहानी निवासी तौहीद अहमद ने एसपी को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उसकी बहन परवीन बानो का निकाह चार जनवरी 2023 को सुरेरी थाना क्षेत्र निवासी वसीम अली से हुआ था।
आरोप था कि निकाह के बाद पति वसीम अली, ससुर हासिम अली, सास रुकसाना, चचिया ससुर शौकत अली और चचिया सास सायरा बानो दहेज में एक लाख रुपये की मांग के लिए परवीन को प्रताड़ित करते थे।
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परिजनों के अनुसार काफी मान-मनौव्वल के बाद परवीन की विदाई कराई गई थी। ससुराल में उसके साथ मारपीट की गई। वे फोन पर मायके वालों को अपनी आपबीती भी बताती थी।
19 मार्च 2024 की रात शौकत अली ने मायके वालों को फोन करके बताया कि पेट में दर्द होने से परवीन की मौत हो गई है। मायके वाले पहुंचे तो उसके गले और सिर पर चोट के निशान दिखाई दिए। आरोप है कि ससुराल वालों ने दबाव बनाकर शव को दफना दिया।
21 मार्च को मुंबई से घर पहुंचे परवीन के भाई ने उसकी फोटो में चोट के निशान देखे तो संदेह हुआ। इसके बाद उसने एसपी से शिकायत करके न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस ने कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया और प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सभी गवाह घटना के संबंध में अपने पूर्व बयानों से मुकर गए।
इसके बावजूद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर पति वसीम अली समेत पांचों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी माना और सात-सात वर्ष के कारावास तथा 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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अदालत ने सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जलालपुर थाना क्षेत्र के राजेपुर त्रिमुहानी निवासी तौहीद अहमद ने एसपी को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उसकी बहन परवीन बानो का निकाह चार जनवरी 2023 को सुरेरी थाना क्षेत्र निवासी वसीम अली से हुआ था।
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आरोप था कि निकाह के बाद पति वसीम अली, ससुर हासिम अली, सास रुकसाना, चचिया ससुर शौकत अली और चचिया सास सायरा बानो दहेज में एक लाख रुपये की मांग के लिए परवीन को प्रताड़ित करते थे।
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परिजनों के अनुसार काफी मान-मनौव्वल के बाद परवीन की विदाई कराई गई थी। ससुराल में उसके साथ मारपीट की गई। वे फोन पर मायके वालों को अपनी आपबीती भी बताती थी।
19 मार्च 2024 की रात शौकत अली ने मायके वालों को फोन करके बताया कि पेट में दर्द होने से परवीन की मौत हो गई है। मायके वाले पहुंचे तो उसके गले और सिर पर चोट के निशान दिखाई दिए। आरोप है कि ससुराल वालों ने दबाव बनाकर शव को दफना दिया।
21 मार्च को मुंबई से घर पहुंचे परवीन के भाई ने उसकी फोटो में चोट के निशान देखे तो संदेह हुआ। इसके बाद उसने एसपी से शिकायत करके न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस ने कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया और प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सभी गवाह घटना के संबंध में अपने पूर्व बयानों से मुकर गए।
इसके बावजूद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर पति वसीम अली समेत पांचों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी माना और सात-सात वर्ष के कारावास तथा 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।