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कुल्हनामऊ हादसा : पहले पत्नी, फिर बेटा मुकेश और अब अखिलेश की मौत से पिता सदमे में
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फोटो-29-अखिलेश शुक्ला (फाइल फोटो)
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उन्नाव। वाराणसी-जौनपुर हाईवे पर जौनपुर के बक्सा थाना क्षेत्र के कुल्हनामऊ स्थित नेता ढाबा के सामने सोमवार को सड़क हादसे में शिक्षक और स्टेनोग्राफर की मौत की सूचना पहुंचते ही परिजन सदमे में आ गए। वे शव लेने जौनपुर निकल गए। हादसे में जान गंवाने वाले शिक्षक अखिलेश शुक्ला के वृद्ध पिता उमेश शुक्ला को उनकी मौत की सूचना नहीं दी गई। पत्नी और बच्चियों को ही बताया गया। पति की मौत की खबर से वह चीखी लेकिन ससुर को पता न चल जाए, इस कारण शांत हो गईं। घर पर रिश्तेदारों के पहुंचने पर पिता को बेटे की मौत का पता चला तो वह एकदम शांत हो गए। घर वालों ने बताया कि पहले पत्नी गीता और बेटा मुकेश और अब दूसरा बेटा भी हमेशा के लिए उन्हें छोड़ गए। यह गम उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ रहा था। वह बार-बार बहू और पौत्र-पौत्री का चेहरा देखते और शांत हो जाते। बड़ी बेटी उर्सिता शुक्ला कक्षा नौ और रिद्धिमा कक्षा चार की छात्रा हैं। अखिलेश की बहन रुचि शुक्ला भी शिक्षक हैं। घटना के बाद पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला।
प्रेरक से स्टोनो तक का हासिल किया मुकाम
हादसे में जान गंवाने वाले आदर्श नगर मोहल्ला निवासी अंकित शुक्ला पहले साक्षरता अभियान में प्रेरक थे। मेहनत और लगन के बल पर वे स्टेनोग्राफर बन गए। पहले औरैया जिला जज के यहां तैनाती थी। करीब 10 साल तक वहां नौकरी करने के बाद उन्नाव जिला सत्र एवं न्यायालय में तबादला करा लिए थे। अधिवक्ता पिता देवी प्रमाेद शुक्ला की बीमारी से पहले ही मौत हो चुकी है। पत्नी प्रियांशी नवाबगंज ब्लॉक के सेवरा स्कूल में सहायक अध्यापिका हैं। एक बेटे की मौत और दूसरे के घायल होने से मां रमा, पत्नी और अन्य परिजन बेहाल हैं। शव लेने गए रिश्तेदार विवेक तिवारी ने फोन पर बताया कि कार अंकित की थी। शनिवार को ये लोग वाराणसी के काशी विश्वनाथ के दर्शन करने गए थे। रविवार को दर्शन करने के बाद देवघर दर्शन करने चले गए।
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प्रेरक से स्टोनो तक का हासिल किया मुकाम
हादसे में जान गंवाने वाले आदर्श नगर मोहल्ला निवासी अंकित शुक्ला पहले साक्षरता अभियान में प्रेरक थे। मेहनत और लगन के बल पर वे स्टेनोग्राफर बन गए। पहले औरैया जिला जज के यहां तैनाती थी। करीब 10 साल तक वहां नौकरी करने के बाद उन्नाव जिला सत्र एवं न्यायालय में तबादला करा लिए थे। अधिवक्ता पिता देवी प्रमाेद शुक्ला की बीमारी से पहले ही मौत हो चुकी है। पत्नी प्रियांशी नवाबगंज ब्लॉक के सेवरा स्कूल में सहायक अध्यापिका हैं। एक बेटे की मौत और दूसरे के घायल होने से मां रमा, पत्नी और अन्य परिजन बेहाल हैं। शव लेने गए रिश्तेदार विवेक तिवारी ने फोन पर बताया कि कार अंकित की थी। शनिवार को ये लोग वाराणसी के काशी विश्वनाथ के दर्शन करने गए थे। रविवार को दर्शन करने के बाद देवघर दर्शन करने चले गए।

फोटो-29-अखिलेश शुक्ला (फाइल फोटो)

फोटो-29-अखिलेश शुक्ला (फाइल फोटो)
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