UP News: हिरासत में बिगड़ी सुभासपा नेता की तबीयत, वाराणसी में थाना प्रभारी सस्पेंड; 10 मिनट तक जाम रहा हाईवे
Varanasi News: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के एक नेता की हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद वाराणसी में हंगामा हो गया। नाराज समर्थकों ने करीब 10 मिनट तक हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों के समझाने के बाद लोग शांत हुए। मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Varanasi News: फूलपुर थाना क्षेत्र में रविवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस पूछताछ के लिए ले जाए जाने के बाद सुभासपा नेता की अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर फैल गई। देखते ही देखते अस्पताल के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई।
नाराज लोगों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और कुछ देर के लिए वाराणसी-बाबतपुर फोरलेन पर जाम भी लगा दिया। मौके पर हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस और आला अधिकारी पहुंचे। मामला संज्ञान में आने के बाद फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया। साथ ही प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई।
हाईवे पर हुआ चक्काजाम
जानकारी के अनुसार, फूलपुर थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी महेश राजभर को पुलिस ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। महेश सुभासपा युवा मंच में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर हैं।
पूछताछ के दौरान महेश की तबीयत खराब होने पर पुलिस ने उन्हें बड़ागांव थाना क्षेत्र के सातोमहुआ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी मिलने के बाद सुभासपा के नेता और कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए। वहां पहुंचते ही समर्थकों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाना शुरू कर दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
स्थिति को संभालने के लिए डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान, एडीसीपी और कई एसीपी को मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता लिखित कार्रवाई की मांग करते रहे।
इसी बीच करीब 10 मिनट तक वाराणसी-बाबतपुर फोरलेन पर नाराज लोगों ने जाम भी लगाया। हालांकि पुलिस ने समझाकर लोगों को वहां से हटाया, जिसके बाद यातायात बहाल हुआ। बाद में थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिखाए जाने के बाद मामला शांत हुआ।
ये है पूरा मामला
पिछले महीने 26 अप्रैल को फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में सड़क हादसे में एक महिला के घायल होने के बाद गुस्साए लोगों ने गांव के ही कारोबारी मनीष सिंह की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी थी। इसी बीच 27 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ आरोपी खालिसपुर गांव में रिश्तेदारी में रुके हैं। इसके बाद एसओजी टीम गांव पहुंची और एक आरोपी को हिरासत में ले लिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और सादे कपड़ों में पहुंचे एसओजी टीम के पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने लगे। भीड़ ने आरोपी को छुड़ा लिया। मामले में मारपीट करने वाले 50 लोगों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस टीम आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में थी। इसी मामले में महेश राजभर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।
पहले दर्ज एक मुकदमे में महेश राजभर को पूछताछ के लिए फूलपुर थाने पर बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में महेश राजभर और उनके परिजनों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। आरोपों का संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी फूलपुर को निलंबित कर दिया गया है। - नीतू कादयान, डीसीपी गोमती जोन