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श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद: 'मेवात में ले लें जमीन, मस्जिद का खर्च भी देंगे', दिनेश फलाहारी ने दिया ये ऑफर
Thu, 20 Aug 2026 09:12 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 20 Aug 2026 09:12 PM IST
सार
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद मामले में हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी ने ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष को पत्र भेजकर मेवात में 20 एकड़ जमीन देने की पेशकश की है। प्रस्ताव में मुस्लिम पक्ष के समझौते के लिए तैयार होने पर मस्जिद निर्माण का खर्च भी हिंदू पक्ष की ओर से वहन करने की बात कही गई है।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद मामले में हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी ने ईदगाह मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष को चिट्ठी भेजी है। इसमें मस्जिद निर्माण के लिए मेवात में 20 एकड़ जमीन देने की पेशकश की है। मध्यस्थता के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव को शामिल करने के लिए भी कहा है।
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फलाहारी ने चिट्ठी में कहा है कि मुस्लिम पक्ष समझौते के लिए तैयार हो तो हिंदू पक्ष मेवात में जमीन देने के साथ मस्जिद निर्माण में आने वाला खर्च भी वहन करेगा। चिट्ठी में 18 अगस्त को मथुरा लोक अदालत में समझौता वार्ता का भी उल्लेख किया गया है। हिंदू पक्ष के अनुसार, लोक अदालत में मुस्लिम पक्ष के उपस्थित नहीं होने से वार्ता आगे नहीं बढ़ सकी।
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इसके बाद हिंदू पक्ष की ओर से समझौते की पेशकश की बात कही गई थी। दिनेश फलाहारी ने मेवात में मुस्लिम आबादी अधिक होने का हवाला देते हुए वहां मस्जिद के लिए जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही ईदगाह कमेटी से भाईचारे और आपसी सहमति की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।
7 अगस्त को असफल रही थी बातचीत
मामले में सबसे पहले 4 जून को दोनों पक्षकारों को बुलाया गया था। इसमें मुस्लिम पक्ष शामिल नहीं हुआ था। 7 जुलाई को भी मुस्लिम पक्षकार उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने सुनवाई स्थगित करते हुए पत्रावली को सुप्रीम कोर्ट भेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा से विशेष लोक अदालत के तहत मथुरा में सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का निस्तारण करने के आदेश दिए थे। तब 7 अगस्त को मुस्लिम पक्षकार पहुंचे। बातचीत असफल रही।
मामले में सबसे पहले 4 जून को दोनों पक्षकारों को बुलाया गया था। इसमें मुस्लिम पक्ष शामिल नहीं हुआ था। 7 जुलाई को भी मुस्लिम पक्षकार उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने सुनवाई स्थगित करते हुए पत्रावली को सुप्रीम कोर्ट भेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा से विशेष लोक अदालत के तहत मथुरा में सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का निस्तारण करने के आदेश दिए थे। तब 7 अगस्त को मुस्लिम पक्षकार पहुंचे। बातचीत असफल रही।