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यूपी: शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के 14 दिन बाद केली कुंज आश्रम पहुंचे संत प्रेमानंद, 20 मिनट रुके; VIDEO
Thu, 08 Oct 2026 12:31 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:31 PM IST
सार
शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के 14 दिन बाद संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह केली कुंज आश्रम पहुंचे। करीब 20 मिनट रुकने के बाद वे वाराह घाट स्थित अपने गुरु के आश्रम गए और दर्शन कर मांट स्थित यमुना विहार कुंज लौट गए।
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संत प्रेमानंद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के 14 दिन बाद संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह केली कुंज आश्रम पहुंचे। वे सुबह करीब सवा पांच बजे गाड़ियों के काफिले से मांट के जहांगीरपुर खादर स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम से केली कुंज पहुंचे थे। संत के वृंदावन आने के वीडियो वायरल हो रहे हैं।
वृंदावन परिक्रमा मार्ग सुबह तड़के संत प्रेमानंद महाराज को कार में बैठा देखकर उनके भक्तों की भीड़ लग गई। उनके अनुयायी उनकी एक झलक देखने को उनके पीछे दौड़ पड़े। उनकी एक झलक पाने और दर्शन के लिए श्रद्धालु आश्रम तक पीछे-पीछे गए तथा 'श्री हरिवंश' और 'राधे-राधे' के जयकारे लगाने लगे। प्रेमानंद महाराज लगभग 20 मिनट तक केली कुंज आश्रम में रुके। इसके बाद वे वहां से वाराह घाट स्थित अपने गुरु श्री हित गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 20 मिनट रुककर गुरुदेव के दर्शन किए। इसके पश्चात वे मांट स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए चले गए।
25 सितंबर की सुबह उनके शिष्य रसिक दुलारी शरण ने गौ कृपा कुंज की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। 26 सितंबर को यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया था। इस घटना से जुड़े अभी तक एक एक कर चार वीडियो भी सामने आ चुके हैं। इससे पूर्व, घटना के 9वें दिन भी आश्रम की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी कर गहरा दुख जताया गया था।
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वृंदावन परिक्रमा मार्ग सुबह तड़के संत प्रेमानंद महाराज को कार में बैठा देखकर उनके भक्तों की भीड़ लग गई। उनके अनुयायी उनकी एक झलक देखने को उनके पीछे दौड़ पड़े। उनकी एक झलक पाने और दर्शन के लिए श्रद्धालु आश्रम तक पीछे-पीछे गए तथा 'श्री हरिवंश' और 'राधे-राधे' के जयकारे लगाने लगे। प्रेमानंद महाराज लगभग 20 मिनट तक केली कुंज आश्रम में रुके। इसके बाद वे वहां से वाराह घाट स्थित अपने गुरु श्री हित गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 20 मिनट रुककर गुरुदेव के दर्शन किए। इसके पश्चात वे मांट स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए चले गए।
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25 सितंबर की सुबह उनके शिष्य रसिक दुलारी शरण ने गौ कृपा कुंज की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। 26 सितंबर को यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया था। इस घटना से जुड़े अभी तक एक एक कर चार वीडियो भी सामने आ चुके हैं। इससे पूर्व, घटना के 9वें दिन भी आश्रम की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी कर गहरा दुख जताया गया था।
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