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Almora News: निर्णय के बाद भी नहीं शुरू हुआ ऐरावत गुफा का जीर्णोद्धार
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:49 PM IST
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जागेश्वर (अल्मोड़ा)। जागेश्वरधाम से महज कुछ दूरी पर स्थित प्राचीन ऐरावत गुफा का जीर्णोद्धार कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से पूर्व में गुफा के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया था लेकिन समिति के तीनों प्रमुख पद रिक्त होने के कारण यह कार्य ठंडे बस्ते में चला गया है।
जागेश्वर मंदिर समूह से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऐरावत गुफा को क्षेत्र की प्राचीनतम गुफाओं में गिना जाता है। यह गुफा कभी संतों की तपस्थली रही है। समय के साथ इसकी स्थिति जर्जर होती जा रही है, जिसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति ने इसके जीर्णोद्धार का निर्णय लिया था। तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में गुफा तक पहुंचने वाले मार्ग को सुगम बनाने और गुफा के सुधार कार्य का निर्णय लिया गया था। आरईएस के जेई के माध्यम से गुफा तक जाने वाले मार्ग का सर्वे भी कराया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई कार्य धरातल पर नहीं उतर पाया है।
स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ऐरावत गुफा जागेश्वर धाम की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंतोला गूठ के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरीश भट्ट, फूलई जागेश्वर वन पंचायत सरपंच गोकुल प्रसाद, सिरौदा मंतोला वन पंचायत सरपंच भगवान भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता नारद भट्ट ने गुफा के शीघ्र जीर्णोद्धार और वहां तक पहुंचने के लिए पक्के मार्ग के निर्माण की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जागेश्वर धाम के महत्व को देखते हुए ऐरावत गुफा के जीर्णोद्धार कार्य को जल्द शुरू कराया जाए ताकि इस प्राचीन धरोहर को संरक्षित किया जा सके।
वर्जन
ऐरावत गुफा के सौंदर्यीकरण और विकास कार्य के मामले की जानकारी नहीं है। इसकी फाइल को देखा जाएगा। यदि कोई दिक्कत है तो उसे दूर किया जाएगा। - सौम्या गर्बियाल, एसडीएम, धौला देवी
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जागेश्वर मंदिर समूह से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऐरावत गुफा को क्षेत्र की प्राचीनतम गुफाओं में गिना जाता है। यह गुफा कभी संतों की तपस्थली रही है। समय के साथ इसकी स्थिति जर्जर होती जा रही है, जिसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति ने इसके जीर्णोद्धार का निर्णय लिया था। तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में गुफा तक पहुंचने वाले मार्ग को सुगम बनाने और गुफा के सुधार कार्य का निर्णय लिया गया था। आरईएस के जेई के माध्यम से गुफा तक जाने वाले मार्ग का सर्वे भी कराया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई कार्य धरातल पर नहीं उतर पाया है।
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स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ऐरावत गुफा जागेश्वर धाम की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंतोला गूठ के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरीश भट्ट, फूलई जागेश्वर वन पंचायत सरपंच गोकुल प्रसाद, सिरौदा मंतोला वन पंचायत सरपंच भगवान भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता नारद भट्ट ने गुफा के शीघ्र जीर्णोद्धार और वहां तक पहुंचने के लिए पक्के मार्ग के निर्माण की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जागेश्वर धाम के महत्व को देखते हुए ऐरावत गुफा के जीर्णोद्धार कार्य को जल्द शुरू कराया जाए ताकि इस प्राचीन धरोहर को संरक्षित किया जा सके।
वर्जन
ऐरावत गुफा के सौंदर्यीकरण और विकास कार्य के मामले की जानकारी नहीं है। इसकी फाइल को देखा जाएगा। यदि कोई दिक्कत है तो उसे दूर किया जाएगा। - सौम्या गर्बियाल, एसडीएम, धौला देवी