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Almora News: गम और गुस्सा... बाघ और तेंदुओं के हमलों से बढ़ी दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 03 May 2026 11:44 PM IST
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे मोहान रेंज के तड़म (बेलम) और आसपास के गांवों में आदमखोर वन्यजीवों के हमलों ने दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। इस इलाके में बाघ और तेंदुए दोनों की माैजूदगी मिलती है। लगभग एक महीने बाद दूसरी जान जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। इससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
रविवार शाम ग्रामसभा तड़म के तोक बौरड़ा निवासी 50 वर्षीय महिपाल सिंह मेहरा अपनी पत्नी के साथ घास लेकर घर लौट रहे थे। घात लगाए बैठे आदमखोर वन्यजीव ने अचानक हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। शुरुआती आशंका बाघ के हमले की जताई जा रही है हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इससे पहले 31 मार्च को भी तड़म गांव में 60 वर्षीय खीम सिंह को जंगली जानवर ने मार डाला था। पिछले दिसंबर में करीब 20 किलोमीटर दूर खोल्यो क्यारी गांव में एक बाघिन के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है।
घटनाओं के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरे लगाए थे और 18 अप्रैल को एक तेंदुआ भी पकड़ा गया लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वही हमलों के लिए जिम्मेदार था या नहीं। इस अनिश्चितता ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
वन क्षेत्राधिकारी मोहान गंगाशरण ने बताया कि वन्यजीव के हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है और सभी टीमें मौके पर भेज दी गई हैं। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान है। वहीं एसडीओ काकुल पुंडीर ने भी पुष्टि की कि हमलावर वन्यजीव की पहचान के प्रयास जारी हैं।
लगातार बढ़ रहा मानव-वन्यजीव संघर्ष
मोहान रेंज के तड़म क्षेत्र के आसपास लगातार हो रही घटनाएं संकेत दे रही हैं कि इस इलाके में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ता जा रहा है। रविवार को हुई घटना को इस इलाके में तीसरा बड़ा मामला माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब खेतों और जंगलों में जाने से डर रहे हैं। गोपाल सिंह, चंदन सिंह, पूर्व प्रधान सिंह ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तेंदुए को पकड़ने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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रविवार शाम ग्रामसभा तड़म के तोक बौरड़ा निवासी 50 वर्षीय महिपाल सिंह मेहरा अपनी पत्नी के साथ घास लेकर घर लौट रहे थे। घात लगाए बैठे आदमखोर वन्यजीव ने अचानक हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। शुरुआती आशंका बाघ के हमले की जताई जा रही है हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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इससे पहले 31 मार्च को भी तड़म गांव में 60 वर्षीय खीम सिंह को जंगली जानवर ने मार डाला था। पिछले दिसंबर में करीब 20 किलोमीटर दूर खोल्यो क्यारी गांव में एक बाघिन के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है।
घटनाओं के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरे लगाए थे और 18 अप्रैल को एक तेंदुआ भी पकड़ा गया लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वही हमलों के लिए जिम्मेदार था या नहीं। इस अनिश्चितता ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
वन क्षेत्राधिकारी मोहान गंगाशरण ने बताया कि वन्यजीव के हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है और सभी टीमें मौके पर भेज दी गई हैं। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान है। वहीं एसडीओ काकुल पुंडीर ने भी पुष्टि की कि हमलावर वन्यजीव की पहचान के प्रयास जारी हैं।
लगातार बढ़ रहा मानव-वन्यजीव संघर्ष
मोहान रेंज के तड़म क्षेत्र के आसपास लगातार हो रही घटनाएं संकेत दे रही हैं कि इस इलाके में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ता जा रहा है। रविवार को हुई घटना को इस इलाके में तीसरा बड़ा मामला माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब खेतों और जंगलों में जाने से डर रहे हैं। गोपाल सिंह, चंदन सिंह, पूर्व प्रधान सिंह ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तेंदुए को पकड़ने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
