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Almora News: बिक गई आईएमपीसीएल दवा कंपनी, कर्मचारियों में निराशा
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के मोहान स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) के निजीकरण को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच सोमवार देर रात कंपनी के शेयर परचेज एग्रीमेंट (एसपीए) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। इसके बाद इसके निजीकरण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इससे कर्मचारियों और ट्रेड यूनियन सदस्यों में गहरी निराशा है।
जानकारी के अनुसार सोमवार को छह सदस्यीय ट्रेड यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय पहुंचकर सचिव राजेश कुटेचा और संयुक्त सचिव मोनालिसा दास से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कंपनी को निजी हाथों में जाने से बचाने तथा सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। हालांकि अधिकारियों ने इसे सरकार का नीतिगत निर्णय बताते हुए किसी प्रकार की राहत देने में असमर्थता जताई।
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प्रतिनिधिमंडल में जयपाल सिंह रावत, भूपेंद्र सिंह अधिकारी, कुंदन सिंह मेहरा, मो. अब्दुल नईम, किरण भारद्वाज और भाग्यश्री घले शामिल थे। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि मंत्रालय स्तर पर कोई सकारात्मक पहल होगी लेकिन देर शाम करीब 8:30 बजे साइनिंग अथॉरिटी रखने वाले प्रबंधन के सचिव से शेयर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करा लिए गए।
बताया जा रहा है कि समझौते के तहत खरीदार कंपनी स्काईमैप फार्मा को 60 दिनों के भीतर 121 करोड़ रुपये जमा करने होंगे। एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के बाद कर्मचारियों के बीच मायूसी का माहौल है।
इधर निजीकरण के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई लेकिन न्यायालय ने मामले में कोई अंतरिम राहत दिए बिना अगली सुनवाई की तारीख करीब तीन सप्ताह बाद निर्धारित कर दी। इससे आंदोलनकारियों को निराश लौटना पड़ा।
दूसरी ओर कंपनी के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार को आंदोलन के 16वें दिन भी मोहान स्थित फैक्टरी परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान शांति प्रसाद, हिमांशु सती, दीवान सिंह, संजय सती, कमलेश देवी आदि कर्मचारी मौजूद थीं। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों और रोजगार सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।