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Almora News: प्रसून को प्रसार भारती की कमान से जगे लोगों के अरमान
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 03 May 2026 11:27 PM IST
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा निवासी मशहूर गीतकार और पटकथा लेखक प्रसून जोशी के प्रसार भारती बोर्ड के अध्यक्ष बनने से जिले सहित उत्तराखंड में खुशी की लहर है। उन्हें प्रसार भारती की कमान मिलने से आकाशवाणी केंद्र अल्मोड़ा सहित उत्तराखंड के अन्य केंद्रों के दिन बहुरने की उम्मीद है। उनके नेतृत्व में पहाड़ी व भारतीय संस्कृति, कला को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
प्रसून जोशी का जन्म नगर के जाखनदेवी स्थित स्यूनराकोट मोहल्ला में 16 सितंबर 1971 में हुआ। उनके पिता डीके जोशी शिक्षा विभाग में अधिकारी थे तो मां सुषमा जोशी शिक्षिका थीं। घर का वातावरण शैक्षणिक था। एमएससी के बाद उन्होंने गाजियाबाद से एमबीए की पढ़ाई की। बचपन से ही वह रचनात्मक थे। 17 साल की उम्र में ही उन्होंने लिखना शुरू कर दिया था। 1996 में उनका पहला एलबम अब के सावन रिलीज हुआ। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राजकुमार संतोषी की फिल्म लज्जा से उन्हें फिल्मों में एंट्री मिली। वह तारे जमीं पर, रंग दे बसंती, फना जैसी हिट फिल्मों के साथ ही एक दर्जन से अधिक चर्चित फिल्मों के लिए गीत लिख चुके हैं।
उन्हें तारे जमीं पर, भाग मिल्खा भाग के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। 2015 में कला, साहित्य और एडवरटाइजिंग के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया। वह सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैंं। पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि प्रसून ने उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। उन्हें प्रसार भारती की कमान मिलने से आकाशवाणी केंद्र अल्मोड़ा का कायाकल्प होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी अल्मोड़ा के आवासीय भवन की स्थिति जर्जर है। आकाशवाणी की प्रसारण क्षमता कम है। उम्मीद है कि प्रसून के अध्यक्ष बनने के बाद प्रसारण क्षमता बढ़ेगी और यहां की संस्कृति आकाशवाणी के जरिए देश में जन-जन तक पहुंचेगी।
प्रसून को पहाड़ से लगाव, 2023 में आए थे चचेरे भाई के घर
गीतकार और कवि प्रसून जोशी 2023 में चचेरे भाई शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विनीत जोशी के सेवानिवृत्ति पर उनके भीमताल स्थित आवास पर आए थे। तब वह सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष थे। विनीत जोशी ने बताया कि समय की कमी के बावजूद प्रसून पारिवारिक कार्यक्रमों में आते हैं। प्रसून को बचपन से ही पढ़न- लिखने का शौक था। उन्हें प्रसार भारती की कमान मिलने से काफी खुशी हुई है।
मृणाल पांडे भी रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष
नगर के चंपानौला निवासी मशहूर पत्रकार और लेखिका मृणाल पांडे भी देश के प्रसार प्रसार भारती की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने 23 जनवरी 2010 से 2014 तक प्रसार भारती की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। संस्कार सांस्कृतिक समिति के निदेशक प्रकाश बिष्ट ने कहा कि मृणाल के बाद प्रसून को प्रसार भारती की कमान मिलना अल्मोड़ा के लिए गौरव की बात है। उनके नेतृत्व में भारतीय संस्कृति, कला और जनसंचार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। देशहित में उत्कृष्ट कार्य होने की उम्मीद है।
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प्रसून जोशी का जन्म नगर के जाखनदेवी स्थित स्यूनराकोट मोहल्ला में 16 सितंबर 1971 में हुआ। उनके पिता डीके जोशी शिक्षा विभाग में अधिकारी थे तो मां सुषमा जोशी शिक्षिका थीं। घर का वातावरण शैक्षणिक था। एमएससी के बाद उन्होंने गाजियाबाद से एमबीए की पढ़ाई की। बचपन से ही वह रचनात्मक थे। 17 साल की उम्र में ही उन्होंने लिखना शुरू कर दिया था। 1996 में उनका पहला एलबम अब के सावन रिलीज हुआ। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राजकुमार संतोषी की फिल्म लज्जा से उन्हें फिल्मों में एंट्री मिली। वह तारे जमीं पर, रंग दे बसंती, फना जैसी हिट फिल्मों के साथ ही एक दर्जन से अधिक चर्चित फिल्मों के लिए गीत लिख चुके हैं।
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उन्हें तारे जमीं पर, भाग मिल्खा भाग के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। 2015 में कला, साहित्य और एडवरटाइजिंग के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया। वह सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैंं। पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि प्रसून ने उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। उन्हें प्रसार भारती की कमान मिलने से आकाशवाणी केंद्र अल्मोड़ा का कायाकल्प होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी अल्मोड़ा के आवासीय भवन की स्थिति जर्जर है। आकाशवाणी की प्रसारण क्षमता कम है। उम्मीद है कि प्रसून के अध्यक्ष बनने के बाद प्रसारण क्षमता बढ़ेगी और यहां की संस्कृति आकाशवाणी के जरिए देश में जन-जन तक पहुंचेगी।
प्रसून को पहाड़ से लगाव, 2023 में आए थे चचेरे भाई के घर
गीतकार और कवि प्रसून जोशी 2023 में चचेरे भाई शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विनीत जोशी के सेवानिवृत्ति पर उनके भीमताल स्थित आवास पर आए थे। तब वह सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष थे। विनीत जोशी ने बताया कि समय की कमी के बावजूद प्रसून पारिवारिक कार्यक्रमों में आते हैं। प्रसून को बचपन से ही पढ़न- लिखने का शौक था। उन्हें प्रसार भारती की कमान मिलने से काफी खुशी हुई है।
मृणाल पांडे भी रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष
नगर के चंपानौला निवासी मशहूर पत्रकार और लेखिका मृणाल पांडे भी देश के प्रसार प्रसार भारती की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने 23 जनवरी 2010 से 2014 तक प्रसार भारती की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। संस्कार सांस्कृतिक समिति के निदेशक प्रकाश बिष्ट ने कहा कि मृणाल के बाद प्रसून को प्रसार भारती की कमान मिलना अल्मोड़ा के लिए गौरव की बात है। उनके नेतृत्व में भारतीय संस्कृति, कला और जनसंचार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। देशहित में उत्कृष्ट कार्य होने की उम्मीद है।
