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Almora News: गड्ढों से पटी सड़क से आवाजाही करने के लिए मजबूर छह हजार छात्र-छात्राएं
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 11 Jan 2026 10:49 PM IST
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर की बदहाल सड़क हादसों को दावत दे रही है। हालात ये है कि सड़क पूरी तरह गड्ढों से पट चुकी है। सुरक्षा दीवार भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। सड़क पर आवाजाही के दौरान अब तक कई छात्र- छात्राएं दोपहिया वाहनों के रपटने से चोटिल भी हो चुके हैं। बावजूद इसके सड़क को अब तक सुधारा नहीं जा सका है। इससे छात्र- छात्राओं में आक्रोश बढ़ गया है।
एसएसजे परिसर की आंतरिक सड़क करीब तीन वर्षों से बदहाल है। मुख्य परिसर के साथ ही यह सड़क विधि और वाणिज्य संकाय को भी जोड़ती है। इस सड़क का प्रयोग हर दिन छह हजार से अधिक छात्र- छात्राएं परिसर पहुंचने के लिए करते हैं। तीन वर्ष बाद भी सड़क सुधारीकरण के एक करोड़ 70 लाख रुपये के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी है। ऐसे में प्राध्यापक और विद्यार्थी रोजना खतरे के बीच सफर करने को मजबूर हैं। परिसर के मुख्य द्वार के समीप की सड़क की दीवार भी लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। पत्थर निकलने से दीवार खोखली होती जा रही है। ऐसे में वाहनों के दबाव बढ़ने से दीवार के ढ़हने की खतरा बना हुआ है। जो बढ़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सड़क से गुजरते हैं वाहन कई विभागों के वाहन परिसर की आंतरिक सड़क माल रोड और लोअर माल रोड को भी जोड़ती है। ऐसे में हर दिन इस सड़क से कई विभागीय
अधिकारियों के वाहन गुजरते हैं। हैरानी की बात है कि इन अधिकारियों की नजर भी कभी इस बदहाल सड़क पर नहीं पड़ी।
छात्रसंघ चुनाव का रहा मुख्य मुद्दा
इस बार छात्रसंघ चुनाव में परिसर की जर्जर सड़क का मुद्दा भी खूब गरमाया। प्रत्याशियों ने चुनाव जीतने के बाद सड़क सुधारीकरण को अपनी प्राथमिकता बताया था। कई बार छात्र संगठन सड़क सुधारने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन को ज्ञापन भी दे चुके हैं लेकिन अब तक इसका कोई असर होता नजर नहीं आ रहा है।
बोले छात्र नेता
एसएसजे परिसर की आंतरिक सड़क की स्थिति लंबे समय से बदहाल है लेकिन इसके सुधारीकरण का प्रस्ताव फाइलों में ही सिमट कर रह गया है। छात्र- छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े इस मामले पर गंभीरता नहीं दिखाना दुर्भाग्यपूर्ण है। - गौरव भंडारी, पूर्व छात्रसंघ महासचिव, एसएसजे परिसर
कोट-
क्षतिग्रस्त सड़क के कारण रोजाना दुर्घटना का खतरा बना रहता है और छात्र परेशान हैं। यदि शीघ्र सुधारीकरण नहीं हुआ तो छात्र संगठन आंदोलन को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी विवि प्रबंधन की होगी। - - गोविंद प्रसाद, वाणिज्य संकाय प्रतिनिधि, एसएसजे परिसर
कोट
- परिसर की आंतरिक सड़क के लिए शासन को एक करोड़ 70 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिलेगी। स्वीकृति मिलने पर प्राथमिकता के साथ सड़क को सुधारा जाएगा। - अमित कुमार त्रिपाठी, वित्त अधिकारी, एएसएसजे विवि अल्मोड़ा
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एसएसजे परिसर की आंतरिक सड़क करीब तीन वर्षों से बदहाल है। मुख्य परिसर के साथ ही यह सड़क विधि और वाणिज्य संकाय को भी जोड़ती है। इस सड़क का प्रयोग हर दिन छह हजार से अधिक छात्र- छात्राएं परिसर पहुंचने के लिए करते हैं। तीन वर्ष बाद भी सड़क सुधारीकरण के एक करोड़ 70 लाख रुपये के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी है। ऐसे में प्राध्यापक और विद्यार्थी रोजना खतरे के बीच सफर करने को मजबूर हैं। परिसर के मुख्य द्वार के समीप की सड़क की दीवार भी लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। पत्थर निकलने से दीवार खोखली होती जा रही है। ऐसे में वाहनों के दबाव बढ़ने से दीवार के ढ़हने की खतरा बना हुआ है। जो बढ़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
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सड़क से गुजरते हैं वाहन कई विभागों के वाहन परिसर की आंतरिक सड़क माल रोड और लोअर माल रोड को भी जोड़ती है। ऐसे में हर दिन इस सड़क से कई विभागीय
अधिकारियों के वाहन गुजरते हैं। हैरानी की बात है कि इन अधिकारियों की नजर भी कभी इस बदहाल सड़क पर नहीं पड़ी।
छात्रसंघ चुनाव का रहा मुख्य मुद्दा
इस बार छात्रसंघ चुनाव में परिसर की जर्जर सड़क का मुद्दा भी खूब गरमाया। प्रत्याशियों ने चुनाव जीतने के बाद सड़क सुधारीकरण को अपनी प्राथमिकता बताया था। कई बार छात्र संगठन सड़क सुधारने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन को ज्ञापन भी दे चुके हैं लेकिन अब तक इसका कोई असर होता नजर नहीं आ रहा है।
बोले छात्र नेता
एसएसजे परिसर की आंतरिक सड़क की स्थिति लंबे समय से बदहाल है लेकिन इसके सुधारीकरण का प्रस्ताव फाइलों में ही सिमट कर रह गया है। छात्र- छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े इस मामले पर गंभीरता नहीं दिखाना दुर्भाग्यपूर्ण है। - गौरव भंडारी, पूर्व छात्रसंघ महासचिव, एसएसजे परिसर
कोट-
क्षतिग्रस्त सड़क के कारण रोजाना दुर्घटना का खतरा बना रहता है और छात्र परेशान हैं। यदि शीघ्र सुधारीकरण नहीं हुआ तो छात्र संगठन आंदोलन को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी विवि प्रबंधन की होगी। - - गोविंद प्रसाद, वाणिज्य संकाय प्रतिनिधि, एसएसजे परिसर
कोट
- परिसर की आंतरिक सड़क के लिए शासन को एक करोड़ 70 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिलेगी। स्वीकृति मिलने पर प्राथमिकता के साथ सड़क को सुधारा जाएगा। - अमित कुमार त्रिपाठी, वित्त अधिकारी, एएसएसजे विवि अल्मोड़ा