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Almora News: बेटे ने बनवा लिया पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, चाचा ने दर्ज कराई एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:15 AM IST
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अल्मोड़ा। सोमेश्वर के गुरुड़ा गांव में एक युवक पर अपने ही पिता के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप लगा है। चाचा की शिकायत पर एसडीएम ने जांच की। जांच रिपोर्ट मिलने पर आरोपी के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी करने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है।
गुरुड़ा चनौंदा सोमेश्वर के मूल निवासी व वर्तमान में शिवलालपुर लामाचौड़, हल्द्वानी में रह रहे लाल सिंह बोरा ने सोमेश्वर पुलिस को बताया कि उनके सगे भाई किशन सिंह बोरा मुंबई से 2005 में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। 30 जुलाई 2005 को थाना बीपी रोड मुंबई में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज है। जबकि 2022 में फर्जी व जाली दस्तावेजों के आधार पर किशन सिंह बोरा के पुत्र महेश बोरा ने अपने पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया। इसमें एएनएम के फर्जी मुहर वाले प्रमाणपत्र भी लगाए गए। इस प्रमाणपत्र के अनुसार किशन सिंह बोरा की मौत 2005 में ही हो गई थी। जबकि उनके विश्वसनीय लोगों ने बताया किशन सिंह जिंदा हैं और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के मंदिर में निवास कर रहे हैं।
उधर, इसी फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर महेश बोरा ने केनरा बैंक चनौदा से कई लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। यहां तक संपत्ति भी हड़पकर बेचने का प्रयास किया। इस प्रकरण में एसडीएम ने भी जांच की और उन्हें 24 अप्रैल 2025 को जांच रिपोर्ट मिली। इसमें भी कूटरचित दस्तावेज की पुष्टि हुई। कोतवाली प्रभारी वरिष्ठ उप निरीक्षक कृष्ण कुमार ने बताया कि महेश बोरा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वर्जन :
इस प्रकरण में जांच शुरू कर दी गई है। प्रमाणपत्र कैसे बना और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, सबको जांच के दायरे में लाया जाएगा। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होगी। - देवेंद्र पींचा, एसएसपी, अल्मोड़ा
गुरुड़ा चनौंदा सोमेश्वर के मूल निवासी व वर्तमान में शिवलालपुर लामाचौड़, हल्द्वानी में रह रहे लाल सिंह बोरा ने सोमेश्वर पुलिस को बताया कि उनके सगे भाई किशन सिंह बोरा मुंबई से 2005 में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। 30 जुलाई 2005 को थाना बीपी रोड मुंबई में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज है। जबकि 2022 में फर्जी व जाली दस्तावेजों के आधार पर किशन सिंह बोरा के पुत्र महेश बोरा ने अपने पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया। इसमें एएनएम के फर्जी मुहर वाले प्रमाणपत्र भी लगाए गए। इस प्रमाणपत्र के अनुसार किशन सिंह बोरा की मौत 2005 में ही हो गई थी। जबकि उनके विश्वसनीय लोगों ने बताया किशन सिंह जिंदा हैं और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के मंदिर में निवास कर रहे हैं।
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उधर, इसी फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर महेश बोरा ने केनरा बैंक चनौदा से कई लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। यहां तक संपत्ति भी हड़पकर बेचने का प्रयास किया। इस प्रकरण में एसडीएम ने भी जांच की और उन्हें 24 अप्रैल 2025 को जांच रिपोर्ट मिली। इसमें भी कूटरचित दस्तावेज की पुष्टि हुई। कोतवाली प्रभारी वरिष्ठ उप निरीक्षक कृष्ण कुमार ने बताया कि महेश बोरा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वर्जन :
इस प्रकरण में जांच शुरू कर दी गई है। प्रमाणपत्र कैसे बना और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, सबको जांच के दायरे में लाया जाएगा। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होगी। - देवेंद्र पींचा, एसएसपी, अल्मोड़ा
