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Almora News: गगास नदी के उफान से छह गांवों की उपजाऊ भूमि को बचाने के होंगे पुख्ता इंतजाम
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अल्मोड़ा। द्वाराहाट स्थित गगास नदी के उफान से छह गांवों की उपजाऊ भूमि को सुरक्षित करने की पहल शुरू हो चुकी है। सिंचाई विभाग 920 लाख रुपये से नदी किनारे छह किमी दायरे में सुरक्षा दीवार का निर्माण करेगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। योजना के अस्तित्व में आने पर खतरे की जद में आ रही छह गांवों के किसानों की भूमि की सुरक्षा होगी। वहीं नदी का जल्द स्तर बढ़ने पर लोगों के मकान भी सुरक्षित रहेंगे।
द्वाराहाट में बारिश के दौरान गगास नदी पूरे उफान पर रहती है। नदी का जल स्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे बिंता, बग्वालीपोखर, कॉमा, रवाड़ी, नायल और रावलसेरा गांव में भूमि कटाव होने पर किसानों को हर मानसून नुकसान झेलना पड़ता है। उफनती नदी से होने वाले भूमि कटाव के कारण यहां लोग खुद को भवनों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते। हालात यह हैं कि बारिश होते ही छह गांव के लोग सहम उठते हैं। लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग नदी किनारे बिंता से बग्वालीपोखर तक छह किमी दायरे में सुरक्षा दीवार का निर्माण करेगा। इसके लिए शासन को 920 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। योजना के धरातल पर उतरने से छह गांव के लोगों को मानसून में नदी का कहर नहीं झेलना पड़ेगा।
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कोट
गगास नदी में छह किमी क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा दीवार को निर्माण किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रस्ताव को जल्द शासन से स्वीकृति मिलेगी। बजट अवमुक्त होते ही प्राथमिकता के साथ सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएंगे। - प्रमोद कुमार, जेई, सिंचाई उपखंड, रानीखेत
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द्वाराहाट में बारिश के दौरान गगास नदी पूरे उफान पर रहती है। नदी का जल स्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे बिंता, बग्वालीपोखर, कॉमा, रवाड़ी, नायल और रावलसेरा गांव में भूमि कटाव होने पर किसानों को हर मानसून नुकसान झेलना पड़ता है। उफनती नदी से होने वाले भूमि कटाव के कारण यहां लोग खुद को भवनों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते। हालात यह हैं कि बारिश होते ही छह गांव के लोग सहम उठते हैं। लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग नदी किनारे बिंता से बग्वालीपोखर तक छह किमी दायरे में सुरक्षा दीवार का निर्माण करेगा। इसके लिए शासन को 920 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। योजना के धरातल पर उतरने से छह गांव के लोगों को मानसून में नदी का कहर नहीं झेलना पड़ेगा।
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कोट
गगास नदी में छह किमी क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा दीवार को निर्माण किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रस्ताव को जल्द शासन से स्वीकृति मिलेगी। बजट अवमुक्त होते ही प्राथमिकता के साथ सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएंगे। - प्रमोद कुमार, जेई, सिंचाई उपखंड, रानीखेत