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Almora News: गर्मी की दस्तक से जिले में पेयजल संकट गहराया, टैंकरों पर टूट पड़े लोग
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अल्मोड़ा। गर्मी की दस्तक के साथ ही जिले में पेयजल संकट गहराने लगा है। नलों में पानी नहीं टपकने से लोग दो से तीन किमी दूर जल स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। जल संस्थान ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल टैंकर भेजा तो लोग खाली बर्तनों के साथ पानी लेने टूट पड़े।
तापमान में वृद्धि के साथ ही जल संकट की समस्या शुरू हो गई है। जिले के मोनी, भैंसियाछाना, क्वेराली, बल्टा, मेरगांव, हवालबाग आदि ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। नलों में पानी नहीं आने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल संस्थान ने सोमवार को प्रभावित क्षेत्रोंं में एक-एक टैंकर पानी भेजा। जैसेे ही पेयजल टैंकर पहुंचा तो लोग खाली बर्तनों के साथ टूट पड़े। पहले पानी लेने की लोगों में होड़ रही है जिसको जहां से मौका मिला उसने वहीं से खाली बर्तन लगा दिए। ग्रामीणों ने बताया कि दो से तीन किमी दूर नौले से पानी ला रहे हैं। पानी के लिए नौलों में भी लोगों की सुबह से ही भीड़ लग रही है। इस कारण वहां घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। नगर के ढूंगाधारा, खत्याड़ी, जोशीखोला क्षेत्र में पानी आने की स्पीड स्लो हो गई है। इस कारण लोगों को जरूरत से कम पानी मिल रहा है। इससे उन्हें दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
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शादी वाले घरों में हो रही अधिक दिक्कतें
ग्रामीण इलाकों में इन दिनों शादियां हैं। पानी की किल्लत के चलते शादी वाले घरों में अधिक परेशानी हो रही है। लोगों को पानी के लिए पहले ही इंतजाम करना पड़ रहा है। मेरगांव के किशन सिंह ने बताया कि पानी नहीं आने से दिक्कतें हो रही हैं। जल संस्थान ने पेयजल टैंकर भेजा तब जाकर कुछ राहत मिली। बल्टा निवासी पुष्पा देवी ने कहा कि पानी की स्पीड बहुत कम हो गई है। जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है।
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प्रसार प्रशिक्षण केंद्र हवालबाग सहित अन्य पेयजल संकट ग्रस्त इलाकों में पेयजल टैंकर से पानी वितरित किया गया। लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। उन्हें टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। -रजत लोहिया, सहायक अभियंता जल संस्थान अल्मोड़ा
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ताड़ीखेत के दर्जनों गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत विकासखंड के कई गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है। काकड़ीघाट-चौबटिया पेयजल योजना से जुड़े तीन दर्जन से अधिक गांवों में इन दिनों पानी की किल्लत बनी हुई है। इस योजना से भड़गांव, बजीना, बमस्यूं, शिलंगी, उपराड़ी, चौना, टूनाकोट, गाड़ी, पाखुड़ा, ईड़ा, खान और डौरब सहित कई गांव जुड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकतर गांवों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है जिसके चलते उन्हें दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर घर जल योजना के तहत अब तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। टूनाकोट के सामाजिक कार्यकर्ता मदन सिंह मेहरा ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च कर जल जीवन मिशन योजना शुरू की गई लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण इसका लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि पुरानी ऐड़ी-रूमा पेयजल योजना को बंद कर दिया गया जबकि उसका पुनर्गठन किया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि डौरब और बजीना जैसे कुछ गांवों में आंशिक रूप से पानी की आपूर्ति हो रही है लेकिन अधिकतर गांव अब भी संकट झेल रहे हैं।
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कोट-
धन की कमी के चलते जल जीवन मिशन के तहत कार्य फिलहाल रुका हुआ है। बजट उपलब्ध होते ही शेष गांवों को योजना से जोड़ने का कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा। - जेएस तोमर, सहायक अभियंता जल निगम रानीखेत
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सल्ट में गहराया पेयजल संकट, पांच हजार की आबादी प्रभावित
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट क्षेत्र में दर्जनभर से अधिक गांवों में पानी की किल्लत से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों और गधेरों से पानी ढोना पड़ रहा है। जल संस्थान की नैकणा पेयजल योजना पिछले करीब एक महीने से ठप पड़ी है जिससे पैसिया, जालीखान, कवराढैय्या, मौलेखाल, धौंपड़ी, कुन्हील, तल्ली पोखरी और देवायल सहित दर्जनों गांवों की करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। नियमित जलापूर्ति बाधित होने से लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संस्थान ने टैंकरों के माध्यम से पानी वितरण शुरू किया है। सोमवार को विभिन्न गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाया गया।
वहीं गुलार-करगेत पेयजल योजना में भी पानी की भारी कमी बनी हुई है। शशिखाल, मौलेखाल, पोखरी, हिनौला, करगेत और तहसील चौक सहित कई गांवों में हफ्ते में सिर्फ एक बार पानी की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में लोगों को वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जल संस्थान से मांग की है कि खराब पड़ी पेयजल योजनाओं को शीघ्र दुरुस्त कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कोट
- बढ़ती गर्मी में जल स्रोतों में जलस्तर कम होने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिन जगहों पर भी पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है विभागीय दो टैंकरों से लगातार आपूर्ति की जा रही है। क्षेत्र में पानी की समस्या का समाधान करने के लिए जल संस्थान मुस्तैद है। -महीप शर्मा, जेई जल संस्थान, सल्ट
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तापमान में वृद्धि के साथ ही जल संकट की समस्या शुरू हो गई है। जिले के मोनी, भैंसियाछाना, क्वेराली, बल्टा, मेरगांव, हवालबाग आदि ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। नलों में पानी नहीं आने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल संस्थान ने सोमवार को प्रभावित क्षेत्रोंं में एक-एक टैंकर पानी भेजा। जैसेे ही पेयजल टैंकर पहुंचा तो लोग खाली बर्तनों के साथ टूट पड़े। पहले पानी लेने की लोगों में होड़ रही है जिसको जहां से मौका मिला उसने वहीं से खाली बर्तन लगा दिए। ग्रामीणों ने बताया कि दो से तीन किमी दूर नौले से पानी ला रहे हैं। पानी के लिए नौलों में भी लोगों की सुबह से ही भीड़ लग रही है। इस कारण वहां घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। नगर के ढूंगाधारा, खत्याड़ी, जोशीखोला क्षेत्र में पानी आने की स्पीड स्लो हो गई है। इस कारण लोगों को जरूरत से कम पानी मिल रहा है। इससे उन्हें दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
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शादी वाले घरों में हो रही अधिक दिक्कतें
ग्रामीण इलाकों में इन दिनों शादियां हैं। पानी की किल्लत के चलते शादी वाले घरों में अधिक परेशानी हो रही है। लोगों को पानी के लिए पहले ही इंतजाम करना पड़ रहा है। मेरगांव के किशन सिंह ने बताया कि पानी नहीं आने से दिक्कतें हो रही हैं। जल संस्थान ने पेयजल टैंकर भेजा तब जाकर कुछ राहत मिली। बल्टा निवासी पुष्पा देवी ने कहा कि पानी की स्पीड बहुत कम हो गई है। जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है।
प्रसार प्रशिक्षण केंद्र हवालबाग सहित अन्य पेयजल संकट ग्रस्त इलाकों में पेयजल टैंकर से पानी वितरित किया गया। लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। उन्हें टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। -रजत लोहिया, सहायक अभियंता जल संस्थान अल्मोड़ा
ताड़ीखेत के दर्जनों गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत विकासखंड के कई गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है। काकड़ीघाट-चौबटिया पेयजल योजना से जुड़े तीन दर्जन से अधिक गांवों में इन दिनों पानी की किल्लत बनी हुई है। इस योजना से भड़गांव, बजीना, बमस्यूं, शिलंगी, उपराड़ी, चौना, टूनाकोट, गाड़ी, पाखुड़ा, ईड़ा, खान और डौरब सहित कई गांव जुड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकतर गांवों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है जिसके चलते उन्हें दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर घर जल योजना के तहत अब तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। टूनाकोट के सामाजिक कार्यकर्ता मदन सिंह मेहरा ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च कर जल जीवन मिशन योजना शुरू की गई लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण इसका लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि पुरानी ऐड़ी-रूमा पेयजल योजना को बंद कर दिया गया जबकि उसका पुनर्गठन किया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि डौरब और बजीना जैसे कुछ गांवों में आंशिक रूप से पानी की आपूर्ति हो रही है लेकिन अधिकतर गांव अब भी संकट झेल रहे हैं।
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कोट-
धन की कमी के चलते जल जीवन मिशन के तहत कार्य फिलहाल रुका हुआ है। बजट उपलब्ध होते ही शेष गांवों को योजना से जोड़ने का कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा। - जेएस तोमर, सहायक अभियंता जल निगम रानीखेत
सल्ट में गहराया पेयजल संकट, पांच हजार की आबादी प्रभावित
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट क्षेत्र में दर्जनभर से अधिक गांवों में पानी की किल्लत से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों और गधेरों से पानी ढोना पड़ रहा है। जल संस्थान की नैकणा पेयजल योजना पिछले करीब एक महीने से ठप पड़ी है जिससे पैसिया, जालीखान, कवराढैय्या, मौलेखाल, धौंपड़ी, कुन्हील, तल्ली पोखरी और देवायल सहित दर्जनों गांवों की करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। नियमित जलापूर्ति बाधित होने से लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संस्थान ने टैंकरों के माध्यम से पानी वितरण शुरू किया है। सोमवार को विभिन्न गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाया गया।
वहीं गुलार-करगेत पेयजल योजना में भी पानी की भारी कमी बनी हुई है। शशिखाल, मौलेखाल, पोखरी, हिनौला, करगेत और तहसील चौक सहित कई गांवों में हफ्ते में सिर्फ एक बार पानी की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में लोगों को वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जल संस्थान से मांग की है कि खराब पड़ी पेयजल योजनाओं को शीघ्र दुरुस्त कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कोट
- बढ़ती गर्मी में जल स्रोतों में जलस्तर कम होने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिन जगहों पर भी पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है विभागीय दो टैंकरों से लगातार आपूर्ति की जा रही है। क्षेत्र में पानी की समस्या का समाधान करने के लिए जल संस्थान मुस्तैद है। -महीप शर्मा, जेई जल संस्थान, सल्ट

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