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Almora News: उत्तराखंड बंद का जिले में मिला-जुला असर
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 11 Jan 2026 10:49 PM IST
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अल्मोड़ा। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग को लेकर रविवार को आहूत उत्तराखंड बंद का अल्मोड़ा जिले में मिला जुला असर देखने को मिला। अल्मोड़ा में साप्ताहिक बंदी के चलते जहां अधिकांश दुकाने बंद रही वहीं रानीखेत में अधिकांश प्रतिष्ठान रहे खुले। भिकियासैंण बाजार बंद रहा।
विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग को लेकर ररिवार को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया था। अल्मोड़ा में रविवार को साप्ताहिक बंदी के चलते बाजार बद रहता है। साप्ताहिक बंदी के चलते बाजार बंद रहा। हालांकि शाम के समय कुछ दुकान खुली गई। बाजार में संडे बाजार लगा था। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मनोज सिंह पवार ने बताया कि मुख्यमंत्री के सीबीआई जांच की संस्तुति करने के बाद बंद नहीं रहा।
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रानीखेत में उत्तराखंड बंद का मिला-जुला असर, अधिकांश प्रतिष्ठान रहे खुले
रानीखेत (अल्मोड़ा)। 11 जनवरी को घोषित उत्तराखंड बंद का रानीखेत–चिलियानौला नगर क्षेत्र में आंशिक असर ही देखने को मिला। बंद के बावजूद बाजार में अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी दुकानों के साथ-साथ अन्य प्रतिष्ठानों में भी सामान्य गतिविधियां जारी रहीं, जिससे जनजीवन लगभग सामान्य बना रहा। बाजार में मौजूद व्यापारियों और आम लोगों ने कहा कि सरकार द्वारा पहले ही अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की घोषणा कर दी गई है, ऐसे में बाजार बंद करना औचित्यपूर्ण नहीं था। उनका मानना था कि न्याय की मांग अपनी जगह सही है, लेकिन बंद से आम व्यापारियों और रोज कमाने-खाने वालों पर प्रतिकूल असर पड़ता है, इसलिए उन्होंने अपने प्रतिष्ठान खुले रखने का फैसला किया। वहीं कुछ लोगों ने इस बंद को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि जिन व्यापारियों की पृष्ठभूमि कांग्रेस या अन्य संगठनो से जुड़ी रही, उन्हीं ने मुख्य रूप से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जबकि अन्य व्यापारियों ने इसे व्यापारिक हितों के खिलाफ मानते हुए समर्थन नहीं दिया।
कोट-
सीबीआई जांच की घोषणा के बाद बाजार बंद करने का कोई औचित्य नहीं था। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर समाज में गहरी संवेदना है और व्यापारी वर्ग भी न्याय की मांग के साथ खड़ा है, लेकिन इसके नाम पर बंद से व्यापारियों को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। व्यापारियों के हित सर्वोपरि हैं और बाजार बंद कर समस्याओं का समाधान नहीं निकाला जा सकता। : मोहन नेगी, जिलाध्यक्ष प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल
सरकार द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा के बावजूद जनता के मन में अब भी कई सवाल हैं। जब तक पूरी पारदर्शिता के साथ दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक विरोध जरूरी है। इसी कारण अपना प्रतिष्ठान बंद रखा। बंद का उद्देश्य व्यापार को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सरकार पर नैतिक दबाव बनाकर पीड़िता को जल्द न्याय दिलाना है। हर व्यापारी की स्थिति अलग होती है और किसी पर बंद थोपना उचित नहीं है।- दीपक पंत, निवर्तमान उपाध्यक्ष व्यापार मंडल रानीखेत
भिकियासैंण बाजार रहा बंद, लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग को लेकर रविवार को आहूत उत्तराखंड बंद भिकियासैंण में सफल रहा। भिकियासैंण बाजार पूर्ण रूप से बंद रहा। इस दौरान सभी दलों से जुड़े दुकानदारों ने पूरे दिन अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। यात्रियों और पर्यटकों को खाने पीने के लाले पड़ गए।
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बोले लोग
अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच जरुरी है सीबीआई जांच निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए उस पर सरकार का किसी भी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए। - प्रेम सिंह बिष्ट भिकियासैंण
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बंद पूर्ण रूप से सफल रहा। जनदबाव के कारण सीबीआई जांच का फैसला सरकार द्वारा लिया गया है लोगों को सजग और जागरूक रहना चाहिए। - श्याम सिंह बिष्ट भिकियासैंण
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द्वाराहाट में मिला जुला असर
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। द्वाराहाट में भी उत्तराखंड बंद का मिला जुला असर रहा। कुछ दुकानें बंद रही जबकि अन्य बाजार खुला रहा। बंद की सूचना के चलते अन्य दिनों की अपेक्षा दुकाने देरी से खुली। इधर कांग्रेस पार्टी ने मुख्य चौराहे पर सांकेतिक धरना देकर आक्रोश जताया। धरना पर ब्लाक प्रमुख डाॅ आरती किरौला, प्रकाश अधिकारी, हेम मठपाल, जोधा बिष्ट, दिवाकर कार्की, दिनेश आर्या, लाल सिह, प्रमोद कुमार, तारा सिंह अधिकारी आदि शामिल थे।
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ईकूखेत में निकाली आक्रोश रैली
स्याल्दे (अल्मोड़ा। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए ईकूखेत में लोगों ने आक्रोश रैली निकाली गई।
स्याल्दे में उत्तराखंड बंद बेअसर रहा जबकि देघाट और नागचुलाखाल बाजार बंद रहा। स्याल्दे तिराहे पर उक्रांद कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंका। राकेश बिष् , ललित बिष्ट, जितेंद्र रजवार, भूपाल मनराल, वीरेंद्र नेगी आदि मौजूद रहे।
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विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग को लेकर ररिवार को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया था। अल्मोड़ा में रविवार को साप्ताहिक बंदी के चलते बाजार बद रहता है। साप्ताहिक बंदी के चलते बाजार बंद रहा। हालांकि शाम के समय कुछ दुकान खुली गई। बाजार में संडे बाजार लगा था। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मनोज सिंह पवार ने बताया कि मुख्यमंत्री के सीबीआई जांच की संस्तुति करने के बाद बंद नहीं रहा।
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रानीखेत में उत्तराखंड बंद का मिला-जुला असर, अधिकांश प्रतिष्ठान रहे खुले
रानीखेत (अल्मोड़ा)। 11 जनवरी को घोषित उत्तराखंड बंद का रानीखेत–चिलियानौला नगर क्षेत्र में आंशिक असर ही देखने को मिला। बंद के बावजूद बाजार में अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी दुकानों के साथ-साथ अन्य प्रतिष्ठानों में भी सामान्य गतिविधियां जारी रहीं, जिससे जनजीवन लगभग सामान्य बना रहा। बाजार में मौजूद व्यापारियों और आम लोगों ने कहा कि सरकार द्वारा पहले ही अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की घोषणा कर दी गई है, ऐसे में बाजार बंद करना औचित्यपूर्ण नहीं था। उनका मानना था कि न्याय की मांग अपनी जगह सही है, लेकिन बंद से आम व्यापारियों और रोज कमाने-खाने वालों पर प्रतिकूल असर पड़ता है, इसलिए उन्होंने अपने प्रतिष्ठान खुले रखने का फैसला किया। वहीं कुछ लोगों ने इस बंद को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि जिन व्यापारियों की पृष्ठभूमि कांग्रेस या अन्य संगठनो से जुड़ी रही, उन्हीं ने मुख्य रूप से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जबकि अन्य व्यापारियों ने इसे व्यापारिक हितों के खिलाफ मानते हुए समर्थन नहीं दिया।
कोट-
सीबीआई जांच की घोषणा के बाद बाजार बंद करने का कोई औचित्य नहीं था। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर समाज में गहरी संवेदना है और व्यापारी वर्ग भी न्याय की मांग के साथ खड़ा है, लेकिन इसके नाम पर बंद से व्यापारियों को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। व्यापारियों के हित सर्वोपरि हैं और बाजार बंद कर समस्याओं का समाधान नहीं निकाला जा सकता। : मोहन नेगी, जिलाध्यक्ष प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल
सरकार द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा के बावजूद जनता के मन में अब भी कई सवाल हैं। जब तक पूरी पारदर्शिता के साथ दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक विरोध जरूरी है। इसी कारण अपना प्रतिष्ठान बंद रखा। बंद का उद्देश्य व्यापार को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सरकार पर नैतिक दबाव बनाकर पीड़िता को जल्द न्याय दिलाना है। हर व्यापारी की स्थिति अलग होती है और किसी पर बंद थोपना उचित नहीं है।- दीपक पंत, निवर्तमान उपाध्यक्ष व्यापार मंडल रानीखेत
भिकियासैंण बाजार रहा बंद, लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग को लेकर रविवार को आहूत उत्तराखंड बंद भिकियासैंण में सफल रहा। भिकियासैंण बाजार पूर्ण रूप से बंद रहा। इस दौरान सभी दलों से जुड़े दुकानदारों ने पूरे दिन अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। यात्रियों और पर्यटकों को खाने पीने के लाले पड़ गए।
बोले लोग
अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच जरुरी है सीबीआई जांच निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए उस पर सरकार का किसी भी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए। - प्रेम सिंह बिष्ट भिकियासैंण
बंद पूर्ण रूप से सफल रहा। जनदबाव के कारण सीबीआई जांच का फैसला सरकार द्वारा लिया गया है लोगों को सजग और जागरूक रहना चाहिए। - श्याम सिंह बिष्ट भिकियासैंण
द्वाराहाट में मिला जुला असर
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। द्वाराहाट में भी उत्तराखंड बंद का मिला जुला असर रहा। कुछ दुकानें बंद रही जबकि अन्य बाजार खुला रहा। बंद की सूचना के चलते अन्य दिनों की अपेक्षा दुकाने देरी से खुली। इधर कांग्रेस पार्टी ने मुख्य चौराहे पर सांकेतिक धरना देकर आक्रोश जताया। धरना पर ब्लाक प्रमुख डाॅ आरती किरौला, प्रकाश अधिकारी, हेम मठपाल, जोधा बिष्ट, दिवाकर कार्की, दिनेश आर्या, लाल सिह, प्रमोद कुमार, तारा सिंह अधिकारी आदि शामिल थे।
ईकूखेत में निकाली आक्रोश रैली
स्याल्दे (अल्मोड़ा। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए ईकूखेत में लोगों ने आक्रोश रैली निकाली गई।
स्याल्दे में उत्तराखंड बंद बेअसर रहा जबकि देघाट और नागचुलाखाल बाजार बंद रहा। स्याल्दे तिराहे पर उक्रांद कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंका। राकेश बिष् , ललित बिष्ट, जितेंद्र रजवार, भूपाल मनराल, वीरेंद्र नेगी आदि मौजूद रहे।