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अल्मोड़ा में फूटा ग्राम प्रधानों का गुस्सा: हवालबाग ब्लॉक मुख्यालय पर जड़ा ताला
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अल्मोड़ा। ग्राम पंचायतों की लगातार हो रही अनदेखी और लंबित समस्याओं पर प्रशासन की टालमटोल से गुस्साए ग्राम प्रधानों का सब्र सोमवार को टूट गया। हवालबाग विकासखंड में भारी संख्या में जुटे ग्राम प्रधानों और संगठन के पदाधिकारियों ने ब्लॉक मुख्यालय पर धावा बोल दिया। दफ्तर के भीतर अधिकारियों के साथ हुई तीखी बहस और बैठक में कोई ठोस समाधान न निकलने पर बिफरे प्रधानों ने प्रशासनिक अमले को चुनौती देते हुए सीधे ब्लॉक कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। प्रधानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी 20 सूत्रीय मांगों पर जिला स्तर के सक्षम अधिकारियों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होेगी संघर्ष जारी रहेगा।
सुबह करीब 10 बजे विकासखंड सभागार में आयोजित बैठक में ब्लॉक प्रमुख हिमानी कुंडू, एबीडीओ और एडीओ पंचायत ने प्रधानों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान ब्लॉक प्रमुख ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। इसके बाद प्रधानों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए ब्लॉक मुख्यालय में तालाबंदी कर दी। प्रधानों का आरोप था कि पिछले एक माह से विकासखंड स्तर के अधिकारी और कर्मचारी पंचायतों की समस्याओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, पंचायत सचिवों के स्थानांतरण से पहले संबंधित ग्राम पंचायतों की राय लेने, ग्राम सभा के प्रस्तावों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने, पंचायत अभिलेख एवं डिजिटल सिग्नेचर पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराने तथा विधिवत कार्यभार हस्तांतरण सुनिश्चित करने की मांग उठाई। वहां ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नयाल, उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह मेहरा, नवीन भट्ट, चंद्रिका तिवारी, सुंदर मटियानी, महामंत्री विनोद जोशी, मंत्री प्रमोद जोशी, मोहन सिंह, शिवराज सिंह नयाल, प्रदीप पालनी आदि मौजूद रहे।
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प्रधानों की प्रमुख मांगें
-पंचायत कार्यों में किसी विशेष वेंडर पर निर्भरता समाप्त कीक जाए।
-प्रधान संगठन की मासिक समीक्षा बैठकों को संस्थागत मान्यता दी जाए।
-बीडीसी बैठकों में संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारियों की अनिवार्य की जाए।
-निर्माण कार्यों के मापन के बाद समयबद्ध भुगतान की जाए।
-प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा सहित अन्य ग्राम्य योजनाओं की प्रभावी निगरानी की जाए।
-ऑनलाइन स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
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सुबह करीब 10 बजे विकासखंड सभागार में आयोजित बैठक में ब्लॉक प्रमुख हिमानी कुंडू, एबीडीओ और एडीओ पंचायत ने प्रधानों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान ब्लॉक प्रमुख ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। इसके बाद प्रधानों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए ब्लॉक मुख्यालय में तालाबंदी कर दी। प्रधानों का आरोप था कि पिछले एक माह से विकासखंड स्तर के अधिकारी और कर्मचारी पंचायतों की समस्याओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, पंचायत सचिवों के स्थानांतरण से पहले संबंधित ग्राम पंचायतों की राय लेने, ग्राम सभा के प्रस्तावों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने, पंचायत अभिलेख एवं डिजिटल सिग्नेचर पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराने तथा विधिवत कार्यभार हस्तांतरण सुनिश्चित करने की मांग उठाई। वहां ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नयाल, उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह मेहरा, नवीन भट्ट, चंद्रिका तिवारी, सुंदर मटियानी, महामंत्री विनोद जोशी, मंत्री प्रमोद जोशी, मोहन सिंह, शिवराज सिंह नयाल, प्रदीप पालनी आदि मौजूद रहे।
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प्रधानों की प्रमुख मांगें
-पंचायत कार्यों में किसी विशेष वेंडर पर निर्भरता समाप्त कीक जाए।
-प्रधान संगठन की मासिक समीक्षा बैठकों को संस्थागत मान्यता दी जाए।
-बीडीसी बैठकों में संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारियों की अनिवार्य की जाए।
-निर्माण कार्यों के मापन के बाद समयबद्ध भुगतान की जाए।
-प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा सहित अन्य ग्राम्य योजनाओं की प्रभावी निगरानी की जाए।
-ऑनलाइन स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।