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Bageshwar News: मनकोट में मायूसी... दो पिंजरे, दस ट्रैप कैमरे, नतीजा सिफर
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बागेश्वर। मनकोट में जंगल गई देवकी देवी के रहस्यमय मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ तो दो दिन बाद भी वन विभाग इसे वन्यजीव का हमला मानने से पीछे हट रहा है, दूसरी तरफ तेंदुए को पकड़ने के लिए मशक्कत भी कर रहा है। इस आधे-अधूरे अभियान में दो पिंजरे, दस ट्रैप कैमरे अब तक कोई नतीजा नहीं दे सके हैं जबकि ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने की पुष्टि की है।
मनकोट के कंपास तोक में वनाग्नि बुझाने गई महिला की संदिग्ध मौत के बाद से छाती और मनकोट गांव में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। बृहस्पतिवार की रात ग्रामीणों के लिए भारी रही। डर से लोगों ने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए ग्रामीण रात भर पटाखे फोड़कर और शोर मचाकर तेंदुए को आबादी से दूर रखने की कोशिश करते रहे।
एक ओर जहां पुलिस वनाग्नि के दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग संदिग्ध तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान चलाने का दावा कर रहा है। बृहस्पतिवार की रात जिस तरह ग्रामीणों ने दहशत के बीच बिताई, उससे प्रशासन के प्रति उनका गुस्सा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक क्षेत्र में सामान्य जीवन पटरी पर नहीं लौट पाएगा। लोगों ने प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
डीएफओ समेत सभी विभागीय अफसर अब तक इसे वन्यजीव का हमला मानने से बच रहे हैं। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ाई है। क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए प्रभावित क्षेत्र में दो पिंजरे लगाए गए हैं। गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए 10 ट्रैप कैमरे भी विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए गए हैं। अब तक इनका कोई नतीजा नहीं निकला है।
अभी तक लगाए गए कैमरों या पिंजरों के आसपास तेंदुए की कोई ताजा हलचल रिकॉर्ड नहीं हुई है। विभाग की टीमें रात-दिन क्षेत्र में गश्त कर रही हैं। ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर न जाने और शाम ढलते ही अपने घरों में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
-केवलानंद पांडेय, रेंजर
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मनकोट के कंपास तोक में वनाग्नि बुझाने गई महिला की संदिग्ध मौत के बाद से छाती और मनकोट गांव में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। बृहस्पतिवार की रात ग्रामीणों के लिए भारी रही। डर से लोगों ने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए ग्रामीण रात भर पटाखे फोड़कर और शोर मचाकर तेंदुए को आबादी से दूर रखने की कोशिश करते रहे।
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एक ओर जहां पुलिस वनाग्नि के दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग संदिग्ध तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान चलाने का दावा कर रहा है। बृहस्पतिवार की रात जिस तरह ग्रामीणों ने दहशत के बीच बिताई, उससे प्रशासन के प्रति उनका गुस्सा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक क्षेत्र में सामान्य जीवन पटरी पर नहीं लौट पाएगा। लोगों ने प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
डीएफओ समेत सभी विभागीय अफसर अब तक इसे वन्यजीव का हमला मानने से बच रहे हैं। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ाई है। क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए प्रभावित क्षेत्र में दो पिंजरे लगाए गए हैं। गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए 10 ट्रैप कैमरे भी विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए गए हैं। अब तक इनका कोई नतीजा नहीं निकला है।
अभी तक लगाए गए कैमरों या पिंजरों के आसपास तेंदुए की कोई ताजा हलचल रिकॉर्ड नहीं हुई है। विभाग की टीमें रात-दिन क्षेत्र में गश्त कर रही हैं। ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर न जाने और शाम ढलते ही अपने घरों में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
-केवलानंद पांडेय, रेंजर