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Bageshwar News: कागजों में तैनात चिकित्सक अबतक नहीं पहुंचे तैनाती स्थल पर

संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Thu, 02 Apr 2026 11:31 PM IST
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Doctors posted on paper have not yet reached their place of posting.
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बागेश्वर। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सरकारी तंत्र की सुस्ती की भेंट चढ़ती नजर आ रही हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के आदेश जारी हुए 17 दिन का लंबा समय बीत चुका है लेकिन अब तक एक भी डॉक्टर ने जिले में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। नतीजा यह है कि गंभीर रोगों के उपचार के लिए आज भी जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
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बीते 17 मार्च को स्वास्थ्य महानिदेशालय ने जिले की चरमराई चिकित्सा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए थे। इसके तहत जिला अस्पताल के लिए ईएनटी विशेषज्ञ, सीएचसी बैजनाथ के लिए सर्जन और सीएमओ कार्यालय के अधीन एक निश्चेतक की तैनाती की गई थी। बृहस्पतिवार को इस आदेश को जारी हुए 17 दिन पूरे हो चुके हैं और तीनों ही महत्वपूर्ण पदों पर तैनात चिकित्सक अब तक अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। विशेषज्ञों के इंतजार के बीच जिला अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाएं भी डगमगा रही हैं। अस्पताल में तैनात एकमात्र नेत्र रोग विशेषज्ञ के भी अवकाश पर चले जाने से आंखों की जांच और उपचार के लिए आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ईएनटी और नेत्र विभाग जैसे संवेदनशील अनुभागों में विशेषज्ञ न होने से मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिकों या फिर हल्द्वानी और अल्मोड़ा जैसे हायर सेंटरों की शरण लेनी पड़ रही है। वहीं बैजनाथ सीएचसी में सर्जन की कमी के कारण गरुड़ क्षेत्र की बड़ी आबादी को सामान्य सर्जरी की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक ये डॉक्टर धरातल पर अपनी सेवाएं देना शुरू नहीं करते तब तक कागजी आदेशों का जनता के लिए कोई मोल नहीं है।
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सिस्टम की सुस्ती पर उठ रहे सवाल
महानिदेशालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चिकित्सकों का अपने तैनाती स्थल पर न पहुंचना स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक ढिलाई की ओर इशारा कर रहा है। सवाल यह है कि क्या ये चिकित्सक जानबूझकर पहाड़ों पर सेवा देने से परहेज कर रहे हैं या फिर विभाग उन्हें कार्यमुक्त कराने में ढुलमुल रवैया अपना रहा है। अब देखना दिलचस्प है कि जिले के लिए कागजों में तैनात कब अपने तैनाती स्थल में पहुंचते हैं।
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