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Bageshwar News: बेमौसम बारिश का कहर, ओलावृष्टि के बाद खेती-बागवानी पर असर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:35 PM IST
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बागेश्वर। जिले के कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि के बाद बेमौसम बारिश का जोर है। बारिश और ओलावृष्टि से फसल, फल और सब्जियों को नुकसान होने की आशंका है। वैज्ञानिकों की मानें तो फसलों पर 15 से 20 प्रतिशत तक प्रभाव पड़ा है। फलों की फ्लावरिंग पर पड़ी ओलों की मार से पैदावार में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। कृषि और उद्यान विभाग ने नुकसान का आंकलन करने के लिए सर्वे शुरू कर दी है।
कपकोट के बिचला दानपुर समेत पिंडर घाटी सरयू घाटी, गरुड़ के लाहुरघाटी और दफौट क्षेत्र के कई गांवों में ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ था। कांडा क्षेत्र के घिंघारूतोला और आसपपास के गांवों में भी भारी मात्रा में ओले गिरे थे। किसान इस नुकसान से उबरे नहीं थे कि अब बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है।
मौसम की मार से गेहूं, जौं, मसूर की तैयार हो रही फसल पर असर पड़ा है। ऊंचाई वाले इलाकों में कीवी, सेव, प्लम, आड़ू में आ रहे फूल और निचले इलाके में आम के बौर, माल्टा आदि फलों की फ्लावरिंग को नुकसान हो रहा है। आलू, मूली, प्याज, मटर समेत मौसमी सब्जी लौकी, कद्दू तोरई की नर्सरी पर भी असर पड़ रहा है।
किसान दीपक पांडेय, हरीश कोरंगा, प्रताप सिंह, शेर सिंह, माया प्रसाद आदि ने बताया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण काफी नुकसान हुआ है।
इस मौसम में बारिश होना किसानों के लिए घातक
कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के प्रभारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि यह गेहूं, मसूर आदि फसल के तैयार होने का समय है। भारी बारिश होने से मसूर की फसल अधिक प्रभावित होगी। इन दिनों अधिकांश फलों में फ्लावरिंग होती है जबकि सेव के फल लगने शुरू हो जाते हैं। सब्जियों की नर्सरी तैयार की जाती है। ऐसे में भारी बारिश और ओलावृष्टि होना हर प्रकार की फसल, सब्जी और फलों के लिए नुकसानदायक होता है। लगातार बारिश होने से पेड़-पौधों में कीट और बीमारियां बढ़ेंगी।
जिले में देरी से फसल तैयार होती है। अभी बीजों का लगना शुरू ही हुआ है। ओलावृष्टि और बारिश का फसल पर अधिक असर पड़ने की फिलहाल संभावना कम है। गेहूं, मसूर आदि में व्यापक नुकसान की सूचना नहीं है। विभाग की टीम ने सर्वे शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
राजेंद्र उप्रेती, मुख्य कृषि अधिकारी, बागेश्वर
कोट
कीवी की फ्लावरिंग शुरू हो गई थी। आम, लीची समेत अन्य फलों की फ्लावरिंग को ओलावृष्टि से नुकसान होने की जानकारी है। इस मौसम में अधिक बारिश भी नुकसानदायक है। नुकसान की जानकारी लेने के लिए विभाग की टीम ने सर्वे कर रही है।
कुलदीप जोशी, ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक, बागेश्वर
फोटो 08 बीजीएस 01 पी
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कपकोट के बिचला दानपुर समेत पिंडर घाटी सरयू घाटी, गरुड़ के लाहुरघाटी और दफौट क्षेत्र के कई गांवों में ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ था। कांडा क्षेत्र के घिंघारूतोला और आसपपास के गांवों में भी भारी मात्रा में ओले गिरे थे। किसान इस नुकसान से उबरे नहीं थे कि अब बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है।
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मौसम की मार से गेहूं, जौं, मसूर की तैयार हो रही फसल पर असर पड़ा है। ऊंचाई वाले इलाकों में कीवी, सेव, प्लम, आड़ू में आ रहे फूल और निचले इलाके में आम के बौर, माल्टा आदि फलों की फ्लावरिंग को नुकसान हो रहा है। आलू, मूली, प्याज, मटर समेत मौसमी सब्जी लौकी, कद्दू तोरई की नर्सरी पर भी असर पड़ रहा है।
किसान दीपक पांडेय, हरीश कोरंगा, प्रताप सिंह, शेर सिंह, माया प्रसाद आदि ने बताया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण काफी नुकसान हुआ है।
इस मौसम में बारिश होना किसानों के लिए घातक
कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के प्रभारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि यह गेहूं, मसूर आदि फसल के तैयार होने का समय है। भारी बारिश होने से मसूर की फसल अधिक प्रभावित होगी। इन दिनों अधिकांश फलों में फ्लावरिंग होती है जबकि सेव के फल लगने शुरू हो जाते हैं। सब्जियों की नर्सरी तैयार की जाती है। ऐसे में भारी बारिश और ओलावृष्टि होना हर प्रकार की फसल, सब्जी और फलों के लिए नुकसानदायक होता है। लगातार बारिश होने से पेड़-पौधों में कीट और बीमारियां बढ़ेंगी।
जिले में देरी से फसल तैयार होती है। अभी बीजों का लगना शुरू ही हुआ है। ओलावृष्टि और बारिश का फसल पर अधिक असर पड़ने की फिलहाल संभावना कम है। गेहूं, मसूर आदि में व्यापक नुकसान की सूचना नहीं है। विभाग की टीम ने सर्वे शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
राजेंद्र उप्रेती, मुख्य कृषि अधिकारी, बागेश्वर
कोट
कीवी की फ्लावरिंग शुरू हो गई थी। आम, लीची समेत अन्य फलों की फ्लावरिंग को ओलावृष्टि से नुकसान होने की जानकारी है। इस मौसम में अधिक बारिश भी नुकसानदायक है। नुकसान की जानकारी लेने के लिए विभाग की टीम ने सर्वे कर रही है।
कुलदीप जोशी, ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक, बागेश्वर
फोटो 08 बीजीएस 01 पी