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Bageshwar News: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पत्नी को चार किमी डोली से लाए सड़क तक
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बागेश्वर। कपकोट का झोपड़ा गांव सड़क किनारे होने के बावजूद इस गांव के कई तोक अब भी मोटर मार्ग से दूर हैं। इन तोकों से सड़क तक आने के लिए चार से पांच किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। मरीजों और गर्भवतियों के लिए आज भी डोली ही एंबुलेंस का काम करती है। शुक्रवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. खीम सिंह की पत्नी देबुली देवी (90) साल को उपचार के लिए डोली से पंगराड़ी तोक से सड़क तक लाना पड़ा।
उनके पुत्र की बहू यमुना देवी ने बताया कि एक महीने से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा है। उनके पैरों में सूजन रहती है। शरीर में भी दर्द की शिकायत है। शुक्रवार की रात से उनका स्वास्थ्य अधिक खराब हो गया था। शनिवार को उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की नौबत आ गई। उनके पुत्र आन सिंह, पोता हिमांशु समेत ग्रामीण हयात सिंह, गोपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, पंकज सिंह, बहादुर सिंह, दरपान सिंह ने उन्हें डोली से पंगराड़ी तोक से चार किमी दूर सड़क तक पहुंचाया। जहां से वाहन के जरिये उन्हें सीएचसी कपकोट लाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया। वर्तमान में उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्हें एचडीयू वार्ड में भर्ती किया गया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंगराड़ी तोक में सड़क न होने से उन्हें आए दिन इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। इधर विधायक सुरेश गढि़या ने कहा कि क्षेत्र के हर गांव को सड़क से जोड़ने के लिए कार्य किया जा रहा है। पंगराड़ी तोक तक सड़क बनाने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
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उनके पुत्र की बहू यमुना देवी ने बताया कि एक महीने से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा है। उनके पैरों में सूजन रहती है। शरीर में भी दर्द की शिकायत है। शुक्रवार की रात से उनका स्वास्थ्य अधिक खराब हो गया था। शनिवार को उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की नौबत आ गई। उनके पुत्र आन सिंह, पोता हिमांशु समेत ग्रामीण हयात सिंह, गोपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, पंकज सिंह, बहादुर सिंह, दरपान सिंह ने उन्हें डोली से पंगराड़ी तोक से चार किमी दूर सड़क तक पहुंचाया। जहां से वाहन के जरिये उन्हें सीएचसी कपकोट लाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया। वर्तमान में उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्हें एचडीयू वार्ड में भर्ती किया गया गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पंगराड़ी तोक में सड़क न होने से उन्हें आए दिन इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। इधर विधायक सुरेश गढि़या ने कहा कि क्षेत्र के हर गांव को सड़क से जोड़ने के लिए कार्य किया जा रहा है। पंगराड़ी तोक तक सड़क बनाने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।

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