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Bageshwar News: कर्णप्रयाग-गरुड़ रेल मार्ग के लिए कत्यूर घाटी ने भरी हुंकार
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:40 PM IST
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गरुड़ (बागेश्वर)। पहाड़ की लाइफलाइन कही जाने वाली रेल सेवा के लिए अब आर-पार की जंग शुरू हो गई है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन को गरुड़ तक विस्तार देने की मांग के लिए कत्यूर घाटी के प्रबुद्धजन और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने कहा है कि कर्णप्रयाग से गरुड़ की महज 42 किमी की दूरी तय होते ही जिला सीधे राजधानी देहरादून और देश के अन्य बड़े शहरों से जुड़ जाएगा।
क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि रेल आने से पहाड़ों में माल ढुलाई सस्ती होगी। इससे दैनिक उपभोग की वस्तुओं और निर्माण सामग्री के दामों में भारी गिरावट आएगी। सड़क मार्ग की तुलना में रेल यातायात सस्ता होने से स्थानीय व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा और नए उद्योगों की स्थापना से युवाओं को घर पर ही रोजगार उपलब्ध होगा।
रेल लाइन के विस्तार से कुमाऊं और गढ़वाल के बीच की यात्रा सुगम होगी, चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी सीधे कत्यूर घाटी पहुंच सकेंगे। इससे बैजनाथ और कौसानी जैसे पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी ऋषिकेश और देहरादून से सीधे हो जाएगी।
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क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि रेल आने से पहाड़ों में माल ढुलाई सस्ती होगी। इससे दैनिक उपभोग की वस्तुओं और निर्माण सामग्री के दामों में भारी गिरावट आएगी। सड़क मार्ग की तुलना में रेल यातायात सस्ता होने से स्थानीय व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा और नए उद्योगों की स्थापना से युवाओं को घर पर ही रोजगार उपलब्ध होगा।
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रेल लाइन के विस्तार से कुमाऊं और गढ़वाल के बीच की यात्रा सुगम होगी, चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी सीधे कत्यूर घाटी पहुंच सकेंगे। इससे बैजनाथ और कौसानी जैसे पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी ऋषिकेश और देहरादून से सीधे हो जाएगी।

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