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Pentagon: राष्ट्रपति ट्रंप ने बनाई नई रक्षा रणनीति, नाटो और अन्य सहयोगियों से कहा- अब खुद ही करें अपनी सुरक्षा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 25 Jan 2026 05:35 AM IST
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सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई रक्षा रणनीति बनाई है। इसके साथ ही उन्होंने नाटो और अन्य सहयोगियों से कहा- अब खुद ही अपनी सुरक्षा करें। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति की तरफ से 34 पन्नों के दस्तावेज में यूरोप से एशिया तक के साझेदार देशों की आलोचना की गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने शुक्रवार देर रात प्राथमिकताओं में बदलाव को दर्शाने वाली नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति जारी की। इसमें नाटो व अन्य सहयोगी देशों को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद संभालने को कहा गया है। इसमें वो सभी राष्ट्र शामिल हैं, जिनसे अब तक अमेरिका के प्रगाढ़ संबंध रहे हैं।
इस प्रकार का 34 पन्नों का दस्तावेज 2022 के बाद पहली बार जारी किया गया है, जो एक सैन्य नीति दस्तावेज होने के बावजूद काफी हद तक राजनीतिक है। इसमें यूरोप से एशिया तक के साझेदार देशों की आलोचना की गई है। दस्तावेज में हुई आलोचना के तहत यूरोप और एशियाई साझेदार देश अपनी रक्षा के लिए पूर्व अमेरिकी सरकारों पर निर्भर रहे। इसमें दृष्टिकोण, फोकस और लहजे में तीव्र बदलाव की बात कही गई है, जिसका मतलब है कि रूस से लेकर उत्तर कोरिया तक के खतरों से निपटने का ज्यादा बोझ अब सहयोगी देशों को उठाना होगा।
यह भी पढ़ें - अमेरिकी प्रवासन नीति पर सवाल: मिनियापोलिस में ट्रंप के अफसरों ने एक और व्यक्ति को मारी गोली, राज्य में तनाव
यह दस्तावेज ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन और यूरोप जैसे उसके पारंपरिक सहयोगियों के बीच तनाव है। इसमें रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मंत्रालय की तरफ से ग्रीनलैंड और पनामा नहर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक अमेरिकी सैन्य और व्यावसायिक पहुंच सुनिश्चित करने के विश्वसनीय विकल्प देने की बात कही गई है।
नई रणनीति का मकसद चीन पर प्रभुत्व जमाना नहीं
34 पेज का यह दस्तावेज चीन के संदर्भ में कहता है कि बदलाव दर्शाने वाली नई राष्ट्रीय रक्षा नीति का उद्देश्य चीन पर प्रभुत्व जमाना या उसे अपमानित करना नहीं है। इसका मुख्य मकसद उसे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हावी होने से रोकना है। हालांकि, इस अहम रणनीतिक दस्तावेज में ताइवान का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं है, जबकि 2022 की रणनीति में ताइवान की आत्मरक्षा के समर्थन की बात कही गई थी।
रूस और नाटो के खतरे का भी किया उल्लेख
यूरोप के बारे में कहा गया है कि रूस उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के पूर्वी सदस्यों के लिए खतरा बना रहेगा, लेकिन नाटो सहयोगी यूरोप की पारंपरिक रक्षा की मुख्य जिम्मेदारी खुद संभालने में सक्षम हैं। मालूम हो कि अमेरिका पहले ही यूक्रेन सीमा के पास नाटो क्षेत्रों से अपने सैनिकों की संख्या घटाने की पुष्टि कर चुका है।
यह भी पढ़ें - US-Canada Rift: ट्रंप ने कनाडा को 100% टैरिफ की धमकी दी, चीन के साथ संभावित डील का भी जिक्र; बढ़ सकता है तनाव
ट्रंप ने कनाडा को दी 100 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी
वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर कनाडा को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर कनाडा ने चीन के साथ कोई व्यापारिक सौदा किया तो अमेरिका सभी कनाडाई वस्तुओं और उत्पादों पर तुरंत 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कॉर्नी को आगाह करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी समझौता कनाडा के लिए गंभीर खतरा साबित होगा।
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नई रणनीति का मकसद चीन पर प्रभुत्व जमाना नहीं
34 पेज का यह दस्तावेज चीन के संदर्भ में कहता है कि बदलाव दर्शाने वाली नई राष्ट्रीय रक्षा नीति का उद्देश्य चीन पर प्रभुत्व जमाना या उसे अपमानित करना नहीं है। इसका मुख्य मकसद उसे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हावी होने से रोकना है। हालांकि, इस अहम रणनीतिक दस्तावेज में ताइवान का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं है, जबकि 2022 की रणनीति में ताइवान की आत्मरक्षा के समर्थन की बात कही गई थी।
रूस और नाटो के खतरे का भी किया उल्लेख
यूरोप के बारे में कहा गया है कि रूस उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के पूर्वी सदस्यों के लिए खतरा बना रहेगा, लेकिन नाटो सहयोगी यूरोप की पारंपरिक रक्षा की मुख्य जिम्मेदारी खुद संभालने में सक्षम हैं। मालूम हो कि अमेरिका पहले ही यूक्रेन सीमा के पास नाटो क्षेत्रों से अपने सैनिकों की संख्या घटाने की पुष्टि कर चुका है।
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वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर कनाडा को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर कनाडा ने चीन के साथ कोई व्यापारिक सौदा किया तो अमेरिका सभी कनाडाई वस्तुओं और उत्पादों पर तुरंत 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कॉर्नी को आगाह करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी समझौता कनाडा के लिए गंभीर खतरा साबित होगा।
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