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Bageshwar News: सैन्य सम्मान के साथ हुआ शहीद गजेंद्र का अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:18 AM IST
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सार
बागेश्वर के कपकोट में शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
कपकोट में शहीद जवान के पार्थिव शरीर को देखकर विलाप करतीं पत्नी लीला।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बागेश्वर जिले के कपकोट में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सरयू-खीरगंगा के संगम पर उनकी अंत्येष्टि की गई। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
शहीद की पत्नी लीला गढ़िया, पुत्र धीरज और राहुल सोमवार रात देहरादून से कपकोट पहुंच गए थे। मंगलवार सुबह उनके पिता धन सिंह गढ़िया, माता चंद्रा गढ़िया समेत पूरे गांव के लोग भी आ गए। मंगलवार दोपहर बाद 1:50 मिनट पर बलिदानी जवान का पार्थिव शरीर वायुसेना के हेलिकॉप्टर से कपकोट के डिग्री कॉलेज मैदान लाया गया।
बिलख पड़ी पत्नी, बच्चे हुए गुमसुम
मैदान में ही परिवार वालों ने जवान के अंतिम दर्शन किए। पार्थिव शरीर देख पत्नी लीला बिलख पड़ीं तो दोनों बेटे राहुल व धीरज गुमसुम हो गए। सेना की रेजिमेंट की ओर से शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। सरयू-खीरगंगा के संगम पर सिख रेजीमेंट और सिग्नल कोर जवानों ने अंतिम सलामी दी। चचेरे भाई नवीन और छोटे भाई किशोर ने चिता को मुखाग्नि दी। वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखों में आंसू थे।
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बिलख पड़ी पत्नी, बच्चे हुए गुमसुम
मैदान में ही परिवार वालों ने जवान के अंतिम दर्शन किए। पार्थिव शरीर देख पत्नी लीला बिलख पड़ीं तो दोनों बेटे राहुल व धीरज गुमसुम हो गए। सेना की रेजिमेंट की ओर से शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। सरयू-खीरगंगा के संगम पर सिख रेजीमेंट और सिग्नल कोर जवानों ने अंतिम सलामी दी। चचेरे भाई नवीन और छोटे भाई किशोर ने चिता को मुखाग्नि दी। वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखों में आंसू थे।

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