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रोडवेज : चालक-परिचालकों की कमी से थमे बसों के पहिए
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:47 PM IST
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बागेश्वर। जिले में आम जनता को सुलभ और बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित रोडवेज डिपो इन दिनों संकट के दौर से गुजर रहा है। डिपो बीते लंबे समय से संसाधनों की भारी कमी और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। आलम यह है कि चालक-परिचालकों की कमी के साथ ही एआरएम का पद रिक्त होने से बसों का संचालन और कार्यालय के दैनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
जिले में यात्रियों को बेहतर यातायात सुविधाएं देने के लिए 22 सितंबर 2022 में रोडवेज डिपो की स्थापना की गई लेकिन चार साल बीतने के बाद भी डिपो की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुए। प्रशासनिक निर्णयों की कमी और संचालन में शिथिलता के कारण यात्रियों को समय पर बसें नहीं मिल पा रही हैं। चालक और परिचालकों की तैनाती न होने से दिल्ली-धरमघर सेवा का संचालन धरमघर की बजाय जिला मुख्यालय से हो रहा है। फिलहाल डिपो का कार्यभार अल्मोड़ा डिपो के एआरएम को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपा गया है। स्थानीय कर्मचारियों और जानकारों का मानना है कि दो अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी एक ही अधिकारी पर होने के कारण डिपो की समस्याएं कम नहीं हो पा रही हैं। डिपो की इस बदहाली का खामियाजा सीधे तौर पर यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। सेवाओं के प्रभावित होने से लोगों को निजी वाहनों और अन्य साधनों का महंगा सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
......कोट
डिपो में चालक-परिचालकों की कमी और एआरएम के रिक्त पद के बारे में मुख्यालय को अवगत कराया गया है। मुख्यालय से तैनाती होने के बाद हालात सामान्य होंगे। - विजय तिवारी, प्रभारी एआरएम रोडवेज डिपो
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जिले में यात्रियों को बेहतर यातायात सुविधाएं देने के लिए 22 सितंबर 2022 में रोडवेज डिपो की स्थापना की गई लेकिन चार साल बीतने के बाद भी डिपो की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुए। प्रशासनिक निर्णयों की कमी और संचालन में शिथिलता के कारण यात्रियों को समय पर बसें नहीं मिल पा रही हैं। चालक और परिचालकों की तैनाती न होने से दिल्ली-धरमघर सेवा का संचालन धरमघर की बजाय जिला मुख्यालय से हो रहा है। फिलहाल डिपो का कार्यभार अल्मोड़ा डिपो के एआरएम को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपा गया है। स्थानीय कर्मचारियों और जानकारों का मानना है कि दो अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी एक ही अधिकारी पर होने के कारण डिपो की समस्याएं कम नहीं हो पा रही हैं। डिपो की इस बदहाली का खामियाजा सीधे तौर पर यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। सेवाओं के प्रभावित होने से लोगों को निजी वाहनों और अन्य साधनों का महंगा सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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......कोट
डिपो में चालक-परिचालकों की कमी और एआरएम के रिक्त पद के बारे में मुख्यालय को अवगत कराया गया है। मुख्यालय से तैनाती होने के बाद हालात सामान्य होंगे। - विजय तिवारी, प्रभारी एआरएम रोडवेज डिपो