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Bageshwar News: रात भर धधकते रहे धरमघर और गढ़सेर रेंज के जंगल
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कांडा/गरुड़ (बागेश्वर)। जिले में फायर सीजन लागू होने के बाद वनाग्नि के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। देर रात तक धरमघर रेंज के ढालन-खुनौली मोटरमार्ग के समीप और गढ़सेर रेंज के घेटी के जंगलों में आग धधकती रही। इससे स्थानीय लोगों में अफरातफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
ग्रामीणाें से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात धरमघर रेंज के ढालन-खुनौली मोटरमार्ग के आसपास के जंगलों में आग की लपटें उठने लगीं। गढ़सेर रेंज के घेटी के जंगलों में भी आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रात के सन्नाटे में दूर-दूर तक जंगल दहकते देखे गए। गढ़सेर रेंज के रेंजर प्रदीप कांडपाल और धरमघर रेंज के रेंजर दीप चंद्र जोशी ने बताया कि जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, वन विभाग की टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। विभागीय कर्मियों की सक्रियता के कारण आग को समय रहते बुझा दिया गया।
रेंजरों ने चेतावनी देते हुए कहा कि वन क्षेत्रों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है और उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई भी व्यक्ति वनों को क्षति पहुंचाते या आग लगाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणाें से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात धरमघर रेंज के ढालन-खुनौली मोटरमार्ग के आसपास के जंगलों में आग की लपटें उठने लगीं। गढ़सेर रेंज के घेटी के जंगलों में भी आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रात के सन्नाटे में दूर-दूर तक जंगल दहकते देखे गए। गढ़सेर रेंज के रेंजर प्रदीप कांडपाल और धरमघर रेंज के रेंजर दीप चंद्र जोशी ने बताया कि जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, वन विभाग की टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। विभागीय कर्मियों की सक्रियता के कारण आग को समय रहते बुझा दिया गया।
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रेंजरों ने चेतावनी देते हुए कहा कि वन क्षेत्रों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है और उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई भी व्यक्ति वनों को क्षति पहुंचाते या आग लगाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।