सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   The daughters of the mountains are leaving their kitchens and performing acrobatics in the blue sky.

Bageshwar News: चूल्हे-चौके से बाहर निकल नीले गगन में कलाबाजी कर रहीं पहाड़ की बेटियां

संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Sun, 08 Feb 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
The daughters of the mountains are leaving their kitchens and performing acrobatics in the blue sky.
विज्ञापन
कपकोट (बागेश्वर)। कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो तो पहाड़ जैसी चुनौतियां भी बौनी साबित होती है। इसे सच कर दिखाया है कुमाऊं मंडल की चार जांबाज बेटियों ने। कपकोट में आयोजित राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में मुनस्यारी, टनकपुर, बागेश्वर और कपकोट की इन महिला पायलटों ने जब नीले गगन में कलाबाजियां दिखाईं तो हर कोई दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गया। वर्तमान में उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अंतर्गत सक्रिय रूप से पैराग्लाइडिंग कर रहीं ये चार लड़कियां समूचे प्रदेश के लिए गौरव का प्रतीक बन गई हैं।
Trending Videos



चारों पायलटों ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने प्रशिक्षक तानाजी ताकवे को दिया है। प्रियंका धामी, शीतल ठाकुर, महिमा बिष्ट और तनुजा कांडपाल का कहना है कि 2023 में टिहरी में उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अंतर्गत ट्रेनिंग के दौरान तानाजी ने ही उनके भीतर से ऊंचाई के डर को जड़ से खत्म किया। उनका मानना है कि तानाजी की बेहतरीन ट्रेनिंग और मार्गदर्शन की बदौलत ही वे आज इस चुनौतीपूर्ण मुकाम तक पहुंच पाई हैं। इन बेटियों की उड़ान अभी थमी नहीं है। उनके सपने और भी ऊंचे हैं। चारों महिला पायलटों का कहना है कि यदि आज भी उन्हें तानाजी जैसा कुशल मार्गदर्शन मिलता तो वे भारत की पहली महिला एक्रोबैट पायलट और स्पीड विंग पायलट बनने का अपना गौरवशाली सपना जल्द पूरा कर लेतीं।
विज्ञापन
विज्ञापन




कोट
महिलाएं आज वह सब कर सकती हैं जो पुरुष कर रहे हैं, बस जरूरत परिवार के भरोसे और सहयोग की है। मुझे बचपन से ही कुछ अलग कर दिखाने का जुनून था, इसलिए मैंने एडवेंचर स्पोर्ट्स को अपना कॅरिअर चुना। रिस्क लेना मुझे पसंद है और इसी साहस के बल पर आज मैं टेंडम पायलट बन सकी हूं। - .प्रियंका धामी, मुनस्यारी


कोट
शुरुआत में आम माता-पिता की तरह मेरे घर वाले भी मेरे इस साहसिक खेल को लेकर डरते थे, लेकिन आज जब वे मुझे आसमान छूते देखते हैं तो उन्हें मुझ पर गर्व होता है। एमएससी की पढ़ाई के साथ पैराग्लाइडिंग करना चुनौतीपूर्ण है, पर जुनून हो तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में परचम लहरा सकती हैं। - शीतल ठाकुर, टनकपुर

कोट
मेरे इस सफर में मेरे भाई का सबसे बड़ा योगदान है, उन्होंने ही मुझे इस फील्ड में आने के लिए प्रेरित किया। परिवार के बेहतरीन सहयोग के कारण ही मैं 2023 में टिहरी से ट्रेनिंग ले पाई और अब टेंडम फ्लाइंग की अनुमति मिलने के बाद मैं अपने क्षेत्र का नाम रोशन करना चाहती हूं। - महिमा बिष्ट, डौला कपकोट


.कोट
मैं चाहती हूं कि उत्तराखंड की अन्य महिलाएं भी हमें देखकर प्रेरित हों और इस साहसिक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। कुछ नया करने की इसी सोच के साथ मैं इस फील्ड में आई हूं। प्राइवेट जॉब के साथ-साथ अपनी उड़ान के शौक को पूरा करना मेरे लिए एक बड़ा सपना सच होने जैसा है। - तनुजा कांडपाल, काकड़ा खोली, बागेश्वर

.कोट
पर्यटन विभाग के लिए गर्व की बात है कि वर्तमान में ये चार लड़कियां पूरी सक्रियता से पैराग्लाइडिंग कर रही हैं। साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में बेटियों का यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। हमारी ओर से उन्हें हर संभव मदद दी जा रही है। - बलवंत सिंह कपकोटी, जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed