{"_id":"6988d1a082a83bc93e0939a6","slug":"the-people-of-bageshwar-are-facing-power-crisis-for-the-last-five-months-bageshwar-news-c-231-bgs1001-122158-2026-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: पांच महीने से बिजली संकट झेल रहे बागेश्वर के लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: पांच महीने से बिजली संकट झेल रहे बागेश्वर के लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:40 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos
बागेश्वर। जिला मुख्यालय के नारायण देव वार्ड में स्थित पिटकुल का 132 केवी सब स्टेशन पिछले पांच महीनों से सफेद हाथी बना हुआ है। मानसून काल में भारी भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आए इस स्टेशन की मरम्मत अब तक पूरी नहीं हो पाई है। कार्य में हो रही इस कछुआ गति ने पूरे जिले की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वर्तमान में जिले की बिजली आपूर्ति रानीखेत पर निर्भर है। रोजाना उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा है। समस्या को देखते यूपीसीएल रोस्टर के अनुसार आपूर्ति कर रहा है।
बीते 19 अगस्त को लगातार बारिश के कारण सब-स्टेशन के पीछे भारी भूस्खलन हुआ था। भूस्खलन के दौरान पिटकुल की मशीनरी को भी नुकसान पहुंचा, जिससे स्टेशन से आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। उस दौरान प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। शुरुआती दिनों में मलबा सफाई और अन्य कार्य देर रात तक चले लेकिन कुछ समय बात मरम्मत कार्य की गति धीमी हो गई। महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। पिटकुल सबस्टेशन के बंद होने से जिले को अब वैकल्पिक रूप से अल्मोड़ा जिले से विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। लंबी दूरी और पुरानी लाइनों के कारण बिजली का लोड बढ़ते ही ट्रिपिंग की समस्या शुरू हो जाती है। विशेष रूप से शाम के समय लो-वोल्टेज के कारण घरेलू उपकरण तक नहीं चल पा रहे हैं। बिजली की आंख-मिचौली से उनका कामकाज और पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। आने वाले दिनों में यदि पिटकुल की मरम्मत का कार्य जल्द पूरा नहीं किया गया, तो गर्मियों और बोर्ड परीक्षाओं के दौरान बिजली का संकट और गहरा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनसेट
पिटकुल में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए उपकरण जिस कंपनी के थे, वह कंपनी बंद हो गई है। पिटकुल की ओर से गुजरात की एक कंपनी से बीते दिनों उपकरणों की टेस्टिंग कराई गई है। कंपनी की ओर से एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। तैयार एस्टीमेट को शासन को भेजा जाएगा, बजट मिलने के बाद मरम्मत कार्य तेजी से किया जाएगा। आपूर्ति के लिए अल्मोड़ा के रानीखेत में नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। जल्द ही लो वोल्टेज और कटौती से निजात मिलेगी। - आकांक्षा कोंडे, डीएम बागेश्वर