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Bageshwar News: जीजीआईसी ऐठाण की बदहाली... एक प्रवक्ता के भरोसे बेटियों का भविष्य
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कपकोट (बागेश्वर)। सरकार एक ओर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देकर महिला सशक्तीकरण के बड़े दावे कर रही है। वहीं दूसरी ओर कपकोट ब्लॉक के एकमात्र राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ऐठाण की बदहाली इस अभियान की जमीनी हकीकत को बयां कर रही है। विद्यालय में प्रवक्ताओं के नौ स्वीकृत पदों में से सात पद वर्षों से रिक्त हैं।
जीजीआईसी ऐठाण में वर्तमान में केवल हिंदी विषय की एक स्थायी प्रवक्ता और संस्कृत विषय के एक अतिथि प्रवक्ता तैनात हैं। अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता पद लंबे समय से रिक्त हैं।
शिक्षकों के अभाव में यहां छात्राओं की पढ़ाई भगवान भरोसे है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार करोड़ों रुपये विज्ञापनों पर खर्च कर रही है लेकिन स्कूल में शिक्षक तैनात करने के लिए तैयार नहीं है।
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100 में से सिर्फ 54 छात्राएं अध्ययनरत
शिक्षकों की कमी का सीधा असर अब यहां की छात्र संख्या पर भी दिखाई देने लगा है। वर्ष 2020 तक जहां इस विद्यालय में 100 से अधिक छात्राएं पंजीकृत थीं। वहीं अब प्रवक्ताओं की कमी के चलते अभिभावकों ने भी बेटियों का दाखिला दूसरे विद्यालयों में शुरू कर दिया है। अब यहां छात्राओं की संख्या घटकर महज 54 रह गई है। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां नहीं की गईं तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
......कोट
जीजीआईसी ऐठाण में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों का पूरा विवरण तैयार कर महानिदेशालय और शासन को भेजा जा चुका है। शासन से प्रवक्ता मिलने के बाद स्कूल में तैनात किए जाएंगे। - विनय कुमार, सीईओ बागेश्वर
जीजीआईसी ऐठाण में वर्तमान में केवल हिंदी विषय की एक स्थायी प्रवक्ता और संस्कृत विषय के एक अतिथि प्रवक्ता तैनात हैं। अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता पद लंबे समय से रिक्त हैं।
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शिक्षकों के अभाव में यहां छात्राओं की पढ़ाई भगवान भरोसे है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार करोड़ों रुपये विज्ञापनों पर खर्च कर रही है लेकिन स्कूल में शिक्षक तैनात करने के लिए तैयार नहीं है।
100 में से सिर्फ 54 छात्राएं अध्ययनरत
शिक्षकों की कमी का सीधा असर अब यहां की छात्र संख्या पर भी दिखाई देने लगा है। वर्ष 2020 तक जहां इस विद्यालय में 100 से अधिक छात्राएं पंजीकृत थीं। वहीं अब प्रवक्ताओं की कमी के चलते अभिभावकों ने भी बेटियों का दाखिला दूसरे विद्यालयों में शुरू कर दिया है। अब यहां छात्राओं की संख्या घटकर महज 54 रह गई है। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां नहीं की गईं तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
......कोट
जीजीआईसी ऐठाण में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों का पूरा विवरण तैयार कर महानिदेशालय और शासन को भेजा जा चुका है। शासन से प्रवक्ता मिलने के बाद स्कूल में तैनात किए जाएंगे। - विनय कुमार, सीईओ बागेश्वर