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Bageshwar News: संडे बाजार में पहाड़ी स्वाद का तड़का, जैविक सब्जियों की जमकर हो रही खरीदारी
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 11 Jan 2026 10:48 PM IST
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गरुड़ (बागेश्वर)। कत्यूर घाटी के केंद्र गरुड़ में रविवार के बाजार ने क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दे दी है। नगर के गोलू मार्केट में आयोजित होने वाले संडे बाजार में इन दिनों मौसमी सब्जियों की जमकर बिक्री हो रही है। कड़ाके की ठंड के बावजूद तड़के ही क्षेत्र के काश्तकार अपनी टोकरियों में ताजी सब्जियां लेकर बाजार पहुंच रहे हैं, जहां शुद्ध और जैविक उत्पाद होने के कारण लोग हाथों-हाथ खरीदारी कर रहे हैं।
बाजार में मिलने वाली राई, पालक, मूली, गडेरी और लहसुन पूरी तरह से जैविक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसान रसायनों के बजाय पारंपरिक गोबर की खाद का उपयोग कर रहे हैं। गोलू मार्केट में सुबह पांच बजे से ही ग्राहकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। देखते ही देखते काश्तकारों की टोकरियां खाली हो गईं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जो स्वाद इन ताजी और जैविक सब्जियों में है, वह बड़े शहरों से आने वाली कोल्ड स्टोर की सब्जियों में नहीं मिलता। इस विशेष बाजार से स्थानीय किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। इससे न केवल उनकी आय बढ़ रही है, बल्कि वोकल फॉर लोकल अभियान को भी जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है। व्यापारियों का कहना है कि संडे बाजार के कारण सुबह के समय पूरे गरुड़ बाजार में रौनक बढ़ जाती है।
कोट
बाजार में मिलने वाली बाहरी सब्जियों में पेस्टिसाइड का डर रहता है, लेकिन गोलू मार्केट में हमारे अपने गांव के किसान ताजी सब्जियां लाते हैं। ये सब्जियां न केवल सेहत के लिए अच्छी हैं, बल्कि इनका स्वाद भी लाजवाब है। मैं हर रविवार यहीं से हफ्ते भर की सब्जी ले जाता हूं। - .राजन जोशी, स्थानीय निवासी
हम सुबह तड़के खेतों से सब्जी तोड़कर बाजार पहुंच जाते हैं। हमें खुशी है कि लोग जैविक उत्पादों की कद्र कर रहे हैं। बिना किसी बिचौलिए के सीधे ग्राहकों को सामान बेचने से हमें वाजिब दाम मिल रहे हैं। इस बार मौसमी सब्जियों की पैदावार अच्छी हुई है और कमाई भी संतोषजनक है।. - कैलाश सिंह, काश्तकार गरुड़ क्षेत्र
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बाजार में मिलने वाली बाहरी सब्जियों में पेस्टिसाइड का डर रहता है, लेकिन गोलू मार्केट में हमारे अपने गांव के किसान ताजी सब्जियां लाते हैं। ये सब्जियां न केवल सेहत के लिए अच्छी हैं, बल्कि इनका स्वाद भी लाजवाब है। मैं हर रविवार यहीं से हफ्ते भर की सब्जी ले जाता हूं। - .राजन जोशी, स्थानीय निवासी
हम सुबह तड़के खेतों से सब्जी तोड़कर बाजार पहुंच जाते हैं। हमें खुशी है कि लोग जैविक उत्पादों की कद्र कर रहे हैं। बिना किसी बिचौलिए के सीधे ग्राहकों को सामान बेचने से हमें वाजिब दाम मिल रहे हैं। इस बार मौसमी सब्जियों की पैदावार अच्छी हुई है और कमाई भी संतोषजनक है।. - कैलाश सिंह, काश्तकार गरुड़ क्षेत्र