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Bageshwar News: 422 ग्राम चरस के साथ हल्द्वानी के दो तस्कर गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:37 AM IST
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बागेश्वर। एसपी जितेंद्र मेहरा के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान एसओजी की टीम ने मंगलवार रात कपकोट-बागेश्वर रोड पर दमगाड़ पुलिया के पास बिना नंबर की स्कूटी सवार दो तस्करों को पकड़ा। उनके कब्जे से 422 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर वाहन सीज कर दिया है।
पुलिस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार एसओजी प्रभारी सलाउद्दीन खान के नेतृत्व में टीम दमगाड़ पुलिया के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कपकोट की ओर से आ रही बिना नंबर की स्कूटी चालक ने जब पुलिस को देखा तो उसने तेजी से भागने का प्रयास किया। इसी समय स्कूटी फिसल गई और दोनों युवकों को टीम ने पकड़ लिया।
इस दौरान पीछे बैठे युवक ने एक काला बैग पुल के किनारे नाली की ओर फेंक दिया था। उपनिरीक्षक जीवन सामंत ने बैग की चेकिंग की तो उसमें से चरस बरामद हुई।
पकड़े गए सूरज गर्ब्याल (20) निवासी नवाबी रोड, हल्द्वानी और कुनाल आर्या (22) निवासी राजेंद्र नगर, हल्द्वानी ने बताया कि कपकोट के एक गांव निवासी युवक से वह 20 हजार में चरस खरीदकर हल्द्वानी ले जा रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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....इनसेट
बेटे के पास समझी थी स्कूटी, सीधे पुलिस का फोन गया तो हैरान हुई मां
नशे के इस काले धंधे में पकड़े गए तस्करों की कारस्तानी ने उनके परिजनों को भी सकते में डाल दिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तस्कर सूरज गर्ब्याल जिस बिना नंबर की स्कूटी से चरस की तस्करी कर रहा था, वह उसकी अपनी नहीं थी। सूरज ने यह स्कूटी हल्द्वानी में अपने दोस्त से घूमने के बहाने मांगी थी।
गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस ने वाहन के प्रपत्रों की जांच के आधार पर स्कूटी मालिक को फोन लगाया तो पुलिस की कॉल सुनते ही स्कूटी मालिक दिपांशु की मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे तो यही समझ रही थी कि उनकी स्कूटी हल्द्वानी में ही उनके बेटे के पास है। उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनका बेटा अपने दोस्तों को स्कूटी दे चुका है और वह हल्द्वानी से बागेश्वर और कपकोट के चक्कर काट रहा है। दोस्तों की इस करतूत के कारण अब वाहन मालिक को भी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।
पुलिस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार एसओजी प्रभारी सलाउद्दीन खान के नेतृत्व में टीम दमगाड़ पुलिया के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कपकोट की ओर से आ रही बिना नंबर की स्कूटी चालक ने जब पुलिस को देखा तो उसने तेजी से भागने का प्रयास किया। इसी समय स्कूटी फिसल गई और दोनों युवकों को टीम ने पकड़ लिया।
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इस दौरान पीछे बैठे युवक ने एक काला बैग पुल के किनारे नाली की ओर फेंक दिया था। उपनिरीक्षक जीवन सामंत ने बैग की चेकिंग की तो उसमें से चरस बरामद हुई।
पकड़े गए सूरज गर्ब्याल (20) निवासी नवाबी रोड, हल्द्वानी और कुनाल आर्या (22) निवासी राजेंद्र नगर, हल्द्वानी ने बताया कि कपकोट के एक गांव निवासी युवक से वह 20 हजार में चरस खरीदकर हल्द्वानी ले जा रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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बेटे के पास समझी थी स्कूटी, सीधे पुलिस का फोन गया तो हैरान हुई मां
नशे के इस काले धंधे में पकड़े गए तस्करों की कारस्तानी ने उनके परिजनों को भी सकते में डाल दिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तस्कर सूरज गर्ब्याल जिस बिना नंबर की स्कूटी से चरस की तस्करी कर रहा था, वह उसकी अपनी नहीं थी। सूरज ने यह स्कूटी हल्द्वानी में अपने दोस्त से घूमने के बहाने मांगी थी।
गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस ने वाहन के प्रपत्रों की जांच के आधार पर स्कूटी मालिक को फोन लगाया तो पुलिस की कॉल सुनते ही स्कूटी मालिक दिपांशु की मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे तो यही समझ रही थी कि उनकी स्कूटी हल्द्वानी में ही उनके बेटे के पास है। उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनका बेटा अपने दोस्तों को स्कूटी दे चुका है और वह हल्द्वानी से बागेश्वर और कपकोट के चक्कर काट रहा है। दोस्तों की इस करतूत के कारण अब वाहन मालिक को भी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।