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Chamoli News: 150 परिवारों के सामने आठ किमी पैदल चलने की मजबूरी
Sun, 19 Jul 2026 03:55 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 19 Jul 2026 03:55 PM IST
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दो साल से वन विभाग की आपत्ति पर अटका रुहेड़ा-भैडियाणा मार्ग का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। गैरसैंण ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रुहेड़ा से भैडियाणा गांव तक प्रस्तावित चार किमी मोटर मार्ग का निर्माण पिछले दो वर्षों से वन विभाग की आपत्ति पर अटका है। मार्ग नहीं बनने से भैडियाणा गांव के करीब 150 परिवारों को आज भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है।
सड़क निर्माण की मांग के लिए प्रधान इंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ से भेंट की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में शासन ने इस मार्ग निर्माककी स्वीकृति दी थी। वर्ष 2024 में निर्माण कार्य शुरू किया गया लेकिन वन विभाग ने क्षेत्र में डंपिंग जोन निर्धारित नहीं होने का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद से मार्ग का काम आगे नहीं बढ़ पाया। सूबेदार केशर सिंह, कुंदन सिंह कंडारी और राम सिंह रावत ने कहा कि मार्ग निर्माण के लिए डंपिंग जोन की भूमि का चयन पहले ही किया जा चुका है। इसके बावजूद विभाग की ओर से एनओसी जारी नहीं की जा रही है। डीएफओ सर्वेश दुबे ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई पूरी कर शीघ्र ही मार्ग निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा।
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दो साल से वन विभाग की आपत्ति पर अटका रुहेड़ा-भैडियाणा मार्ग का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। गैरसैंण ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रुहेड़ा से भैडियाणा गांव तक प्रस्तावित चार किमी मोटर मार्ग का निर्माण पिछले दो वर्षों से वन विभाग की आपत्ति पर अटका है। मार्ग नहीं बनने से भैडियाणा गांव के करीब 150 परिवारों को आज भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है।
सड़क निर्माण की मांग के लिए प्रधान इंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ से भेंट की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में शासन ने इस मार्ग निर्माककी स्वीकृति दी थी। वर्ष 2024 में निर्माण कार्य शुरू किया गया लेकिन वन विभाग ने क्षेत्र में डंपिंग जोन निर्धारित नहीं होने का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद से मार्ग का काम आगे नहीं बढ़ पाया। सूबेदार केशर सिंह, कुंदन सिंह कंडारी और राम सिंह रावत ने कहा कि मार्ग निर्माण के लिए डंपिंग जोन की भूमि का चयन पहले ही किया जा चुका है। इसके बावजूद विभाग की ओर से एनओसी जारी नहीं की जा रही है। डीएफओ सर्वेश दुबे ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई पूरी कर शीघ्र ही मार्ग निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा।
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