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संस्कृति का संरक्षण हमारा दायित्व: धीरेंद्र शास्त्री
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 31 May 2026 07:00 PM IST
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बदरीनाथ। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की बदरीनाथ धाम में चल रही कथा का रविवार को समापन हो गया। कथा में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह चार धाम हमारी सांस्कृतिक धरोहर, हमारी विरासत हैं। इनका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। इनकी गरिमा बनाए रखें। जिनको हमारे पूर्वजों ने संजोकर रखा उसे हम सभी को भी संजोकर रखना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री छह मई को बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। उन्होंने यहां 21 दिन की साधना की और फिर बदरीनाथ की महिमा और सत्यनारायण की कथा का आयोजन किया। कथा सुनने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से भारी तादात में भक्त पहुंचे थे। रविवार को कथा का विधिवत समापन हो गया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों हमारे धामों की गरिमा को बनाए रखने की अपील की। संवाद
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बदरीनाथ। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की बदरीनाथ धाम में चल रही कथा का रविवार को समापन हो गया। कथा में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह चार धाम हमारी सांस्कृतिक धरोहर, हमारी विरासत हैं। इनका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। इनकी गरिमा बनाए रखें। जिनको हमारे पूर्वजों ने संजोकर रखा उसे हम सभी को भी संजोकर रखना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री छह मई को बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। उन्होंने यहां 21 दिन की साधना की और फिर बदरीनाथ की महिमा और सत्यनारायण की कथा का आयोजन किया। कथा सुनने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से भारी तादात में भक्त पहुंचे थे। रविवार को कथा का विधिवत समापन हो गया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों हमारे धामों की गरिमा को बनाए रखने की अपील की। संवाद
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