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Chamoli News: बरसात में बढ़ते हैं सांप के काटने के मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
Tue, 28 Jul 2026 04:14 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 28 Jul 2026 04:14 PM IST
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उपजिला अस्पताल में तीन दिन पहले आया एक मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बरसात शुरू होते ही गांव में सांप काटने के मामले बढ़ जाते हैं। खासतौर पर घास में पाए जाने वाले हरे रंग से सांप के काटने के मामले अधिक बढ़ते हैं। वहीं अधिक जल भराव के कारण और उमस के कारण भी सांप आबादी एवं आसपास निकलते हैं। इससे सांप के काटने का खतरा बढ़ जाता है। अभी तीन दिन पहले ही अस्पताल में एक ऐसा मामला आया है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सांप के काटने पर इलाज और सुरक्षा की तैयारी के लिए आशाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम और अन्य दवाएं पर्याप्त मात्रा में हैं। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और सीएमएस डॉ. बीपी पुरोहित के अनुसार पहाड़ में सामान्य तौर पर कोबरा और करैत तेज जहर वाले सांप पाए जाते हैं जबकि घास में पाया जाना वाला हरे रंग का सांप जहरीला नहीं होता है। सावन के बाद अक्सर सांप के काटने के मामले बढ़ते हैं। तीन दिन पहले अस्पताल में इसका एक मामला आया है।
यह बरतें सावधानी
- मरीज को बिना चलाए अस्पताल पहुंचाएं एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन हो।
- मरीज को शांत और प्रभावित अंग को स्थिर रखें।
- तुरंत 108/आपदा हेल्पलाइन पर कॉल करें।
-झाड़-फूंक और स्थानीय जड़ी-बूटियों में समय न गंवाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बरसात शुरू होते ही गांव में सांप काटने के मामले बढ़ जाते हैं। खासतौर पर घास में पाए जाने वाले हरे रंग से सांप के काटने के मामले अधिक बढ़ते हैं। वहीं अधिक जल भराव के कारण और उमस के कारण भी सांप आबादी एवं आसपास निकलते हैं। इससे सांप के काटने का खतरा बढ़ जाता है। अभी तीन दिन पहले ही अस्पताल में एक ऐसा मामला आया है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सांप के काटने पर इलाज और सुरक्षा की तैयारी के लिए आशाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम और अन्य दवाएं पर्याप्त मात्रा में हैं। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और सीएमएस डॉ. बीपी पुरोहित के अनुसार पहाड़ में सामान्य तौर पर कोबरा और करैत तेज जहर वाले सांप पाए जाते हैं जबकि घास में पाया जाना वाला हरे रंग का सांप जहरीला नहीं होता है। सावन के बाद अक्सर सांप के काटने के मामले बढ़ते हैं। तीन दिन पहले अस्पताल में इसका एक मामला आया है।
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यह बरतें सावधानी
- मरीज को बिना चलाए अस्पताल पहुंचाएं एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन हो।
- मरीज को शांत और प्रभावित अंग को स्थिर रखें।
- तुरंत 108/आपदा हेल्पलाइन पर कॉल करें।
-झाड़-फूंक और स्थानीय जड़ी-बूटियों में समय न गंवाएं