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थराली : मार्ग का मलबा गदेरे में डालने का विरोध, रोका काम
Mon, 13 Jul 2026 06:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 13 Jul 2026 06:44 PM IST
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बोले ग्रामीण - गदेरे में मलबा डालने से राड़ीगांव में हो रहा कटाव
समस्या का हल निकालने का हो रहा प्रयास : लोनिवि
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। राड़ीगांव और केदारबगड़ के ग्रामीणों ने थराल-कुराड़-प्रार्था मोटर मार्ग का मलबा घांघली गदेरे में डालने का विरोध किया। सोमवार को यहां जेसीबी से मलबा डाला जा रहा था और ग्रामीणों ने काम रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गदेरे में मलबा डालने से राड़ीगांव में कटाव हो रहा है। इससे पूरी बस्ती खतरे में आ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार बीते वर्ष 22 अगस्त को भी घांघली गदेरे ने तबाही मचाई थी। तब भी उन्होंने मार्ग का मलबा गदेरे में डालने का विरोध किया था। सोमवार सुबह दस बजे लोनिवि जेसीबी लेकर यहां मलबा डालने पहुंचा तो ग्रामीण दिनेश पंत, जगदीश पंत, मदनमोहन और पुष्पा देवी सहित कई ग्रामीण सड़क पर आ गए। उन्होंने विभाग और प्रशासन के अधिकारियों की ओर से इसका निरीक्षण करने, गदेरे में सुरक्षा कार्य और उसके बाद ही सड़क खोलने की मांग की। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने कहा कि मलबा उठाने के लिए डंपर लगाया गया है। समस्या का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि राड़ी गांव के ठीक ऊपर से कुराड़-पार्था मार्ग गुजरता है। मार्ग पर जिस घांघली गदेरे में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र है वहां विभाग केवल पत्थर बिछा रहा है। साथ ही गदेरे में मलबा डाला जा रहा है। रात में बारिश से साथ बिछाए गए बड़े पत्थर तथा मलबा गांव के पास गुजरते गदेरे में आ रहे हैं। इससे गांव को खतरा बना है। ग्रामीणों ने यहां वायरक्रेट दीवार लगाने की मांग की।
कुनारबैंड-घेरा-हिमनी-बलाण मोटर मार्ग दो दिन से बंद, चार पंचायतों का संपर्क कटा
देवाल। कुनारबैंड-घेरा-हिमनी-बलाण मोटर मार्ग जनगौल में दो दिन से बंद है। इससे इस क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों का संपर्क कट गया है।
जनगौल में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हो रहा है। लगातार पत्थर और मलबा गिरने से मलबा हटाने पहुंची जेसीबी मशीन मौके पर खड़ी है। करीब 40 किलोमीटर लंबी यह सड़क बंद होने से घेस, हिमनी, बलाण और पिनाऊं का संपर्क कटा है। पिनाऊं के बलवंत सिंह, घेस के धन सिंह बिष्ट और कुंदन भंडारी ने बताया कि सड़क बंद होने से करीब पांच हजार आबादी का संपर्क कट गया है। लोग खतरनाक चट्टान से आर-पार कर रहे हैं। लोनिवि के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगी है, लेकिन लगातार मलबा और बड़े बोल्डर गिरने से परेशानी हो रही है। उन्होंने शीघ्र मार्ग खोलने का आश्वासन दिया। संवाद
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समस्या का हल निकालने का हो रहा प्रयास : लोनिवि
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। राड़ीगांव और केदारबगड़ के ग्रामीणों ने थराल-कुराड़-प्रार्था मोटर मार्ग का मलबा घांघली गदेरे में डालने का विरोध किया। सोमवार को यहां जेसीबी से मलबा डाला जा रहा था और ग्रामीणों ने काम रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गदेरे में मलबा डालने से राड़ीगांव में कटाव हो रहा है। इससे पूरी बस्ती खतरे में आ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार बीते वर्ष 22 अगस्त को भी घांघली गदेरे ने तबाही मचाई थी। तब भी उन्होंने मार्ग का मलबा गदेरे में डालने का विरोध किया था। सोमवार सुबह दस बजे लोनिवि जेसीबी लेकर यहां मलबा डालने पहुंचा तो ग्रामीण दिनेश पंत, जगदीश पंत, मदनमोहन और पुष्पा देवी सहित कई ग्रामीण सड़क पर आ गए। उन्होंने विभाग और प्रशासन के अधिकारियों की ओर से इसका निरीक्षण करने, गदेरे में सुरक्षा कार्य और उसके बाद ही सड़क खोलने की मांग की। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने कहा कि मलबा उठाने के लिए डंपर लगाया गया है। समस्या का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि राड़ी गांव के ठीक ऊपर से कुराड़-पार्था मार्ग गुजरता है। मार्ग पर जिस घांघली गदेरे में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र है वहां विभाग केवल पत्थर बिछा रहा है। साथ ही गदेरे में मलबा डाला जा रहा है। रात में बारिश से साथ बिछाए गए बड़े पत्थर तथा मलबा गांव के पास गुजरते गदेरे में आ रहे हैं। इससे गांव को खतरा बना है। ग्रामीणों ने यहां वायरक्रेट दीवार लगाने की मांग की।
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कुनारबैंड-घेरा-हिमनी-बलाण मोटर मार्ग दो दिन से बंद, चार पंचायतों का संपर्क कटा
देवाल। कुनारबैंड-घेरा-हिमनी-बलाण मोटर मार्ग जनगौल में दो दिन से बंद है। इससे इस क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों का संपर्क कट गया है।
जनगौल में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हो रहा है। लगातार पत्थर और मलबा गिरने से मलबा हटाने पहुंची जेसीबी मशीन मौके पर खड़ी है। करीब 40 किलोमीटर लंबी यह सड़क बंद होने से घेस, हिमनी, बलाण और पिनाऊं का संपर्क कटा है। पिनाऊं के बलवंत सिंह, घेस के धन सिंह बिष्ट और कुंदन भंडारी ने बताया कि सड़क बंद होने से करीब पांच हजार आबादी का संपर्क कट गया है। लोग खतरनाक चट्टान से आर-पार कर रहे हैं। लोनिवि के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगी है, लेकिन लगातार मलबा और बड़े बोल्डर गिरने से परेशानी हो रही है। उन्होंने शीघ्र मार्ग खोलने का आश्वासन दिया। संवाद
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