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Chamoli: दो दिनों से जल रहे कंडारा और आदिबदरी के जंगल, मवेशियों के लिए चारापत्ती लाने में परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 03 Mar 2026 06:43 PM IST
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सार
एक ओर वन विभाग वनाग्नि सुरक्षा के लिए अभियान संचालित कर रहा है लेकिन वनों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम नहीं होने से इन अभियानों और बैठकों के दावों पर ही सवाल उठने लगे हैं।
कर्णप्रयाग के बरतोली गांव के जंगल में लगी आग को बुझाती महिलाएं। स्रोत: जागरुक पाठक
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विस्तार
ब्लाॅक के कपीरी पट्टी के ग्राम पंचायत कंडारा और आसपास के जंगल में लगी आग से वन संपदा को अत्यधिक क्षति पहुंची है। पूर्व प्रधान कुसुम कंडारी और पदमेंद्र कंडारी ने बताया कि दो दिन से जंगल जल रहे हैं। अबक्षेत्र के जंगलों में लगी आग विकराल होती जा रही है। वहीं आदिबदरी के समीप के जंगल दूसरे दिन भी जलते रहे। वहीं बरतोली गांव के जंगल में भी आग लगी जिसे महिलाएं बुझाने में जुट गईं।
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एक ओर वन विभाग वनाग्नि सुरक्षा के लिए अभियान संचालित कर रहा है लेकिन वनों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम नहीं होने से इन अभियानों और बैठकों के दावों पर ही सवाल उठने लगे हैं। वनों में लगी आग से ग्रामीणों को मवेशियों के लिए चारापत्ती आदि लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से वनाग्नि को नियंत्रित करने और ग्राम प्रहरियों तथा वन सरपंचों को सजग करने की मांग की। वहीं आदिबदरी में बदरीनाथ वन प्रभाग के रंडोली और भलसों के जंगल मंगलवार को दूसरे दिन भी धधकते रहे। सामाजिक कार्यकर्ता विजयेश नवानी ने बताया कि विगत दो दिनों से जंगलों में लगी आग और धुएं से सांस के रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मगर वन विभाग की ओर से वनाग्नि को नियंत्रित करने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर वनाग्नि को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग को निर्देशित करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश भट्ट ने बताया कि विभागीय कर्मियों को त्वरित रूप से कंडारा के जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए भेजा जा रहा है।
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शरारती तत्वों ने लगाई आग, रातभर जले जंगल
सोमवार रात से कौब के आरक्षित और पालछूनी वन पंचायत के जंगलों में भीषण आग लगने से पिंडरघाटी में धुआं छाया है। वनकर्मियों के अथक प्रयासों से वनाग्नि को काबू तो कर लिया गया है लेकिन वातावरण में धुआं होने से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सोमवार रात को अचानक कौब के जंगल में आग भड़क गई थी। इसके साथ ही पालछूनी वनपंचायत के जंगल में भी किसी ने आग लगा दी। वनक्षेत्राधिकारी अखिलेश भट्ट ने बताया कि वनकर्मी रातभर जंगल की आग बुझाने में लगे रहे और मंगलवार सुबह इस पर काबू पा लिया गया। बताया कि होल्यारों में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने जंगल में आग लगा दी थी। संवाद
सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े
आग के कारण चमोली जनपद में इन दिनों तेज धूप के साथ गहरी धुंध छाई है। दोपहर के समय धुंध अधिक हो रही है जिससे विजिबिलिटी भी कम हो गई है। मौसम शुष्क रहने के कारण गरमी का एहसास भी होने लगा है। वहीं सुबह और शाम को मौसम में ठंडक बनी है। वहीं मौसम बदलने से जिला अस्पताल की ओपीडी में सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग धनिक का कहना है कि मौसम में आ रहे परिवर्तन से सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों को हाथों की नियमित सफाई रखने, भीड़भाड़ व धूल वाली जगहों से बचने और एंटीबायोटिक दवा का सेवन करने के लिए कहा।