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Chamoli News: वाण के लोगों ने 2027 में ही नंदा राजजात पर सहमति जताई
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 16 Jun 2026 06:41 PM IST
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ग्रामीण बोले-बिना राज छंतोली के राजजात संभव नहीं
वाण में हुई बैठक, अब श्री नंदा राजजात समिति के साथ होगी चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। श्री नंदा राजजात के अंतिम गांव वाण में आयोजित बैठक में आगामी वर्ष 2027 में ही नंदा राजजात के आयोजन पर चर्चा हुई। बैठक में वाण के ग्रामीण, कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष, पड़ाव समिति के अध्यक्ष शामिल हुए। वाण के ग्रामीणों ने कहा कि बिना राज छंतोली के राजजात संभव नहीं है। वाण के ग्रामीणों ने आगामी 2027 में ही राजजात के आयोजन पर सहमति जताई। कुरुड़ के पदाधिकारियों ने कहा कि अब इस संबंध में एक सप्ताह में श्री नंदा राजजात समिति के साथ बैठक की जाएगी।
सुशील रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अभी विपरीत परिस्थितियों में श्रीनंदा राजजात यात्रा का आयोजन करना उचित नहीं होगा। आपदा से यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त हैं। निर्जन पड़ावों की स्थिति ठीक नहीं है। सुशील रावत ने बताया श्रीनंदा राजजात का आयोजन 2027 में होगी। इस वर्ष लोकजात वेदनी में संपन्न होने के बाद वापस होगी। उन्होंने बताया कि राजजात तब होगी जब राजा की मनौती होगी। राज छंतोली के बिना राजजात नहीं हो सकती है। यात्रा परंपरा के अनुसार ही होगी। कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने कहा कि श्री नंदा राजजात के आयोजन का अंतिम निर्णय वाण के लोगों को लेना है। इस बारे में एक सप्ताह में बैठक श्रीनंदा राजजात समिति के साथ करेंगे। वाण की ग्राम प्रधान नंदुली देवी ने कहा कि अभी यात्रा मार्ग पर जरूरी सुविधाएं नहीं है। सभी तैयारी के साथ राजजात यात्रा 2027 में करने की तैयारी हो। वाण पड़ाव समिति के अध्यक्ष हीरा गढ़वाली ने कहा कि वाण से होमकुंड के रास्तों की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में आगामी 2027 में ही राजजात करने पर सहमति बनी। बैठक में कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मंशा राम गौड़, हीरा दानू, खुशाल सिंह, नंदुली देवी, हीरा गढ़वाली, पृथ्वी सिंह, हीरा पहाड़ी, हीरा बुग्याली, दीवान सिंह, कृष्णा सिंह आदि मौजूद रहे।
ग्रामीण बोले-बिना राज छंतोली के राजजात संभव नहीं
वाण में हुई बैठक, अब श्री नंदा राजजात समिति के साथ होगी चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। श्री नंदा राजजात के अंतिम गांव वाण में आयोजित बैठक में आगामी वर्ष 2027 में ही नंदा राजजात के आयोजन पर चर्चा हुई। बैठक में वाण के ग्रामीण, कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष, पड़ाव समिति के अध्यक्ष शामिल हुए। वाण के ग्रामीणों ने कहा कि बिना राज छंतोली के राजजात संभव नहीं है। वाण के ग्रामीणों ने आगामी 2027 में ही राजजात के आयोजन पर सहमति जताई। कुरुड़ के पदाधिकारियों ने कहा कि अब इस संबंध में एक सप्ताह में श्री नंदा राजजात समिति के साथ बैठक की जाएगी।
सुशील रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अभी विपरीत परिस्थितियों में श्रीनंदा राजजात यात्रा का आयोजन करना उचित नहीं होगा। आपदा से यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त हैं। निर्जन पड़ावों की स्थिति ठीक नहीं है। सुशील रावत ने बताया श्रीनंदा राजजात का आयोजन 2027 में होगी। इस वर्ष लोकजात वेदनी में संपन्न होने के बाद वापस होगी। उन्होंने बताया कि राजजात तब होगी जब राजा की मनौती होगी। राज छंतोली के बिना राजजात नहीं हो सकती है। यात्रा परंपरा के अनुसार ही होगी। कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने कहा कि श्री नंदा राजजात के आयोजन का अंतिम निर्णय वाण के लोगों को लेना है। इस बारे में एक सप्ताह में बैठक श्रीनंदा राजजात समिति के साथ करेंगे। वाण की ग्राम प्रधान नंदुली देवी ने कहा कि अभी यात्रा मार्ग पर जरूरी सुविधाएं नहीं है। सभी तैयारी के साथ राजजात यात्रा 2027 में करने की तैयारी हो। वाण पड़ाव समिति के अध्यक्ष हीरा गढ़वाली ने कहा कि वाण से होमकुंड के रास्तों की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में आगामी 2027 में ही राजजात करने पर सहमति बनी। बैठक में कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मंशा राम गौड़, हीरा दानू, खुशाल सिंह, नंदुली देवी, हीरा गढ़वाली, पृथ्वी सिंह, हीरा पहाड़ी, हीरा बुग्याली, दीवान सिंह, कृष्णा सिंह आदि मौजूद रहे।
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