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Chamoli News: कुरूड़ समिति के अध्यक्ष और पुजारियों के निर्देश पर ही जारी किया था कार्यक्रम
Fri, 14 Aug 2026 05:33 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 14 Aug 2026 05:33 PM IST
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नोटिस पर केंद्रीय समिति ने रखा अपना पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। लोकजात यात्रा का कार्यक्रम जारी होने के बाद उपजे विवाद पर श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी केंद्रीय समिति ने अपना पक्ष रखा है। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि यह कार्यक्रम कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष और पुजारियों के निर्देश पर ही जारी किया गया था। वाण, देवराड़ा और कुलसारी की बैठक में इस साल लोकजात के आयोजन का निर्णय लिया गया था।
पांच अगस्त को थराली के देवराड़ा में लोकजात का कार्यक्रम जारी किया गया था। इस पर बड़ीजात समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने इसे धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम कुरूड़ मंदिर समिति व पुजारियों की ओर से ही जारी किया जाता है। इस पर थराली की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष सुशील रावत को कानूनी नोटिस भी भेजा है। अब सुशील रावत ने अपना स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि चार अगस्त को कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष व पुजारियों ने कार्यक्रम लिखवाया था। इसी आधार पर पांच अगस्त को कार्यक्रम का कैलेंडर जारी किया गया। सुशील रावत ने कहा कि कुरूड़ के पुजारियों को कार्यक्रम जारी करने पर कोई आपत्ति नहीं है। यह आपत्ति बड़ीजात समिति की है। और नोटिस भी उन्हीं का है।
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नोटिस पर केंद्रीय समिति ने रखा अपना पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। लोकजात यात्रा का कार्यक्रम जारी होने के बाद उपजे विवाद पर श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी केंद्रीय समिति ने अपना पक्ष रखा है। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि यह कार्यक्रम कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष और पुजारियों के निर्देश पर ही जारी किया गया था। वाण, देवराड़ा और कुलसारी की बैठक में इस साल लोकजात के आयोजन का निर्णय लिया गया था।
पांच अगस्त को थराली के देवराड़ा में लोकजात का कार्यक्रम जारी किया गया था। इस पर बड़ीजात समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने इसे धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम कुरूड़ मंदिर समिति व पुजारियों की ओर से ही जारी किया जाता है। इस पर थराली की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष सुशील रावत को कानूनी नोटिस भी भेजा है। अब सुशील रावत ने अपना स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि चार अगस्त को कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष व पुजारियों ने कार्यक्रम लिखवाया था। इसी आधार पर पांच अगस्त को कार्यक्रम का कैलेंडर जारी किया गया। सुशील रावत ने कहा कि कुरूड़ के पुजारियों को कार्यक्रम जारी करने पर कोई आपत्ति नहीं है। यह आपत्ति बड़ीजात समिति की है। और नोटिस भी उन्हीं का है।
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