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Chamoli News: देशभक्ति के नारों से गूंजा नगर, राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश

Wed, 12 Aug 2026 06:35 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Wed, 12 Aug 2026 06:35 PM IST
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The town echoed with patriotic slogans, conveying a message of national unity.
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गोपेश्वर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, भाजपा कार्यकर्ताओं और स्कूली बच्चों ने लिया हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। तिरंगा यात्रा अभियान के तहत बुधवार को चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारों के साथ नगर के प्रमुख मार्गों पर रैली निकाली।
तिरंगा यात्रा के लिए भाजपा कार्यकर्ता और स्कूली बच्चे पुलिस लाइन गेट के समीप एकत्र हुए। यहां से शुरू हुई यात्रा गोपेश्वर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गोपीनाथ मंदिर के सामने से गुजरी। पूरे नगर में देशभक्ति का माहौल नजर आया। जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करना है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बत्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, नंदी राणा, चमोली जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र रावत, मोहन नेगी, पुष्पा पासवान आदि मौजूद रहे।
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वंदे मातरम् के जयघोष हुए
ऊखीमठ। मुख्य बाजार में देशभर में चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान के तहत तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नेतृत्व में क्षेत्रीय लोगों ने राष्ट्रभक्ति की इस यात्रा में शामिल होकर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान एवं देश के प्रति अपने समर्पण को व्यक्त किया। तिरंगा यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष हुए। इस अवसर पर सीमांत क्षेत्र अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, महामंत्री राय सिंह राणा, ज्येष्ठ प्रमुख राकेश नेगी, जिला पंचायत सदस्य सरोज राणा, अमित मैखंडी, मंडल अध्यक्ष दलबीर नेगी, सुभाष रावत, किरन शुक्ला आदि मौजूद रहे। संवाद
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कर्णप्रयाग कांड स्थल पर पहली बार फहरेगा तिरंगा
स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारी होंगे सम्मानित, स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारी होंगे सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक काकोरी कांड की तर्ज पर विशेष पहचान रखने वाले कर्णप्रयाग कांड स्थल पर इस बार आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार आधिकारिक रूप से ध्वजारोहण किया जाएगा। इस दौरान कर्णप्रयाग कांड के नायक कप्तान रामप्रसाद नौटियाल एवं अन्य शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी जाएगी, साथ ही उनके उत्तराधिकारियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
यह निर्णय उपजिलाधिकारी अलकेश नौडियाल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन चमोली के अध्यक्ष गोविंद सिंह नेगी और सलाहकार भुवन नौटियाल के प्रस्ताव पर जिलाधिकारी चमोली ने इस कार्यक्रम को आयोजित करने के निर्देश दिए थे। बैठक में एसडीएम अलकेश नौडियाल ने लोक निर्माण विभाग को वर्षों से खाली पड़े लोनिवि रेस्ट हाउस मैदान में समय रहते सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने आदि के निर्देश दिए। बैठक में कर्णप्रयाग कांड स्मारक एवं संग्रहालय समिति के अध्यक्ष सुभाष गैरोला ने कांड के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश बताया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग से अमित चौहान,ललित गैड़ी, पालिका से बंटी मौर्य, पुलिस विभाग विजय जखमोला, वन विभाग से रवींन्द्र निराला, देवेंद्र सिंह रावत, विशेष भंडारी, हिमांशु नौटियाल, बीके सती आदि उपस्थित रहे।
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कर्णप्रयाग कांड की ऐतिहासिक घटना को पहचान का इंतजार
कर्णप्रयाग। अगस्त 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान पहाड़ों की दुर्गम परिस्थितियों में अंग्रेजी हुकूमत को सीधी चुनौती देने वाली कर्णप्रयाग कांड की ऐतिहासिक घटना आज भी अपनी पहचान मिलने का इंतजार कर रही है।

काकोरी कांड के ठीक 17 साल बाद कप्तान राम प्रसाद नौटियाल के नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने कर्णप्रयाग के अपर बाजार स्थित लोनिवि मैगजीन स्टोर का ताला तोड़कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ इस्तेमाल के लिए डायनामाइट की पेटियां निकाली थीं। भुवन नौटियाल बताते हैं जीवानन्द खंडूड़ी, थोकदार देवानंद, अनुसूया प्रसाद बहुगुणा और योगेश्वर प्रसाद खंडूड़ी जैसे सेनानियों के साहस से जुड़ी यह योजना अंग्रेजी हुकूमत के सैन्य ढांचे पर एक बड़ा प्रहार थी, जिसमें केशर सिंह जैसे वीर ने देश के लिए अपना जीवन भी बलिदान कर दिया था। विडंबना यह है कि देश के बड़े स्वतंत्रता संग्राम आंदोलनों की तरह इस गौरवशाली अध्याय को वह व्यापक पहचान नहीं मिल सकी। अब समय आ गया है कि अपर बाजार स्थित उस ऐतिहासिक लोनिवि मैगजीन स्टोर को संरक्षित कर कर्णप्रयाग स्वतंत्रता संग्राम स्मारक के रूप में विकसित किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां पहाड़ों में लड़ी गई आजादी की इस लड़ाई और अपने वीर सेनानियों के बलिदान से प्रेरणा ले सकें। संवाद
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