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Chamoli News: टनल के अंदर पहुंचकर सीएम ने लिया रेस्क्यू अभियान का जायजा
Fri, 14 Aug 2026 04:54 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 14 Aug 2026 04:54 PM IST
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रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के दिए निर्देश, हादसे में हो चुकी है सात लोगों की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी (चमोली)। मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति का जायजा लिया और बचाव दलों से जानकारी ली। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआर टनल की लंबाई करीब तीन किलोमीटर है। करीब 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी भर गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रेस्क्यू अभियान को प्राथमिकता देते हुए सभी संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। शेष तीन लोगों की तलाश जारी है। हादसे में अब तक सात लोगों की मृत्यु की सूचना है। घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में चल रहा है। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस समेत सभी टीमों में बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा घायलों के उपचार और परिजनों की सहायता में कोई कमी न रखने के निर्देश दिए।
इंसेट
प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता के निर्देश
पीपलकोटी/गोपेश्वर। टनल हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीएचडीसी गेस्ट हाउस पीपलकोटी में अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, प्रशासन और टीएचडीसी की टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाने तथा रेस्क्यू टीमों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने टनल की तकनीकी स्थिति, जल निकासी और मलबा हटाने के कार्य की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने हादसे में मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा एवं सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने को कहा। प्रभावित परिवारों को हरसंभव प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, सचिव आपदा विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, डीएम गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार मौजूद रहे।
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इंसेट
अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
गोपेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल श्रमिकों का हाल जाना। उन्होंने श्रमिकों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायल श्रमिकों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए और इलाज में कोई कमी न रहे। उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी करने तथा आवश्यकता के अनुसार सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की जान सरकार के लिए बेहद कीमती है। बचाव अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित श्रमिकों के परिजनों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से स्वयं वार्ता की है। हादसे के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं। संवाद
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रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के दिए निर्देश, हादसे में हो चुकी है सात लोगों की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी (चमोली)। मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति का जायजा लिया और बचाव दलों से जानकारी ली। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआर टनल की लंबाई करीब तीन किलोमीटर है। करीब 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी भर गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रेस्क्यू अभियान को प्राथमिकता देते हुए सभी संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। शेष तीन लोगों की तलाश जारी है। हादसे में अब तक सात लोगों की मृत्यु की सूचना है। घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में चल रहा है। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस समेत सभी टीमों में बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा घायलों के उपचार और परिजनों की सहायता में कोई कमी न रखने के निर्देश दिए।
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प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता के निर्देश
पीपलकोटी/गोपेश्वर। टनल हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीएचडीसी गेस्ट हाउस पीपलकोटी में अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, प्रशासन और टीएचडीसी की टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाने तथा रेस्क्यू टीमों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने टनल की तकनीकी स्थिति, जल निकासी और मलबा हटाने के कार्य की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने हादसे में मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा एवं सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने को कहा। प्रभावित परिवारों को हरसंभव प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, सचिव आपदा विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, डीएम गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार मौजूद रहे।
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अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
गोपेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल श्रमिकों का हाल जाना। उन्होंने श्रमिकों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायल श्रमिकों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए और इलाज में कोई कमी न रहे। उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी करने तथा आवश्यकता के अनुसार सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की जान सरकार के लिए बेहद कीमती है। बचाव अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित श्रमिकों के परिजनों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से स्वयं वार्ता की है। हादसे के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं। संवाद