{"_id":"6a48f015a8dfe2acf30827ff","slug":"village-heads-protest-over-pregnant-womans-death-in-tharali-karnpryag-news-c-48-1-sdrn1015-124999-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: थराली में गर्भवती की मौत पर प्रधानों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: थराली में गर्भवती की मौत पर प्रधानों का प्रदर्शन
Sat, 04 Jul 2026 05:05 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 04 Jul 2026 05:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
मामले की जांच कराने और मुआवजे की उठाई मांग, सीएम को ज्ञापन
संवाद न्यूज जेंसी
थराली। 29 मई को हरिनगर लेटाल की सरिता देवी की प्रसव पीड़ा के दौरान एंबुलेंस में मौत के मामले और सीएचसी थराली की बदहाल सेवाओं पर ग्राम प्रधानों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरिता देवी की मौत के मामले की जांच कराने और परिजनों को मुआवजा देने की मांग के संबंध में उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
प्रधानों ने सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों, अल्ट्रासाउंड मशीन, प्रसव सुविधा और स्टाफ नर्स, खाली पदों पर नियुक्ति की तैनाती की मांग की। प्रधान संघ ने 45 दिन में मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की बात कही। इस दौरान प्रधान संघ अध्यक्ष राजेंद्र रावत, कोषाध्यक्ष प्रमोद जोशी, सचिव मंजू जोशी, उपाध्यक्ष केदार देवराड़ी, मनवर सिंह, चमेली देवी, मुकेश बिष्ट, आशीष परिहार, गोबिंद राम, सूरज सोलियाल, भगवत सिंह, दिनेश फर्स्वाण, विजयलाल, बृजमोहन गुसाईं और अनीता देवराड़ी मौजूद थे।
इंसेट
स्वास्थ्य विभाग के प्रसव कराने के दावे पर उठाए सवाल
थराली। गोठिंडा गांव में हुए एक प्रसव को लेकर स्वास्थ्य विभाग के दावों पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। विभाग ने बीते 2 जुलाई को दावा किया था कि टीम ने 10 किलोमीटर पैदल चलकर रास्ते में एंबुलेंस में गर्भवती का सुरक्षित प्रसव कराया था। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने इसे गलत बताया। टैक्सी चालक बिरेंद्र सोनी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में बताया कि उनकी माता किशनी देवी ने सुबह 8:05 बजे महिला का प्रसव कराया जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंची और प्रसव के बाद चिकित्सकीय सहायता दी। घटनास्थल पर मौजूद आशा कार्यकर्ता मीना देवी और ग्रामीण नरेंद्र कुमार ने भी इस बात की पुष्टि की। इन विरोधाभासी दावों के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी अभिषेक गुप्ता ने कहा कि यदि तथ्यों में अंतर पाया जाता है तो पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की जांच कराने और मुआवजे की उठाई मांग, सीएम को ज्ञापन
संवाद न्यूज जेंसी
थराली। 29 मई को हरिनगर लेटाल की सरिता देवी की प्रसव पीड़ा के दौरान एंबुलेंस में मौत के मामले और सीएचसी थराली की बदहाल सेवाओं पर ग्राम प्रधानों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरिता देवी की मौत के मामले की जांच कराने और परिजनों को मुआवजा देने की मांग के संबंध में उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
प्रधानों ने सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों, अल्ट्रासाउंड मशीन, प्रसव सुविधा और स्टाफ नर्स, खाली पदों पर नियुक्ति की तैनाती की मांग की। प्रधान संघ ने 45 दिन में मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की बात कही। इस दौरान प्रधान संघ अध्यक्ष राजेंद्र रावत, कोषाध्यक्ष प्रमोद जोशी, सचिव मंजू जोशी, उपाध्यक्ष केदार देवराड़ी, मनवर सिंह, चमेली देवी, मुकेश बिष्ट, आशीष परिहार, गोबिंद राम, सूरज सोलियाल, भगवत सिंह, दिनेश फर्स्वाण, विजयलाल, बृजमोहन गुसाईं और अनीता देवराड़ी मौजूद थे।
विज्ञापन
इंसेट
स्वास्थ्य विभाग के प्रसव कराने के दावे पर उठाए सवाल
थराली। गोठिंडा गांव में हुए एक प्रसव को लेकर स्वास्थ्य विभाग के दावों पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। विभाग ने बीते 2 जुलाई को दावा किया था कि टीम ने 10 किलोमीटर पैदल चलकर रास्ते में एंबुलेंस में गर्भवती का सुरक्षित प्रसव कराया था। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने इसे गलत बताया। टैक्सी चालक बिरेंद्र सोनी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में बताया कि उनकी माता किशनी देवी ने सुबह 8:05 बजे महिला का प्रसव कराया जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंची और प्रसव के बाद चिकित्सकीय सहायता दी। घटनास्थल पर मौजूद आशा कार्यकर्ता मीना देवी और ग्रामीण नरेंद्र कुमार ने भी इस बात की पुष्टि की। इन विरोधाभासी दावों के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी अभिषेक गुप्ता ने कहा कि यदि तथ्यों में अंतर पाया जाता है तो पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी। संवाद
विज्ञापन