11वीं के छात्र की हृदय गति रुकने से मौत: लंच के समय अचानक जमीन पर गिरा लड़का, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
एक इंटर कॉलेज में लंच के समय 17 वर्षीय छात्र तुषार बेहोश हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां हृदय गति रुकने से मृत घोषित कर दिया गया।
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लंच का समय था, छात्र रोज की तरह स्कूल में मौजूद थे। इसी बीच कक्षा 11 का छात्र अचानक जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया। आसपास मौजूद छात्रों ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर में स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। कॉलेज कर्मचारी आनन-फानन छात्र को सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से बेहतर उपचार के लिए बुलंदशहर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत हृदय गति रुकने से होने की बात सामने आई है।
मंगलवार को कस्बा स्थित स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले कक्षा 11 के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव केशोपुर सठला निवासी 17 वर्षीय तुषार पुत्र सत्यप्रकाश के रूप में हुई। प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार ने बताया कि लंच के समय वह कॉलेज से बाहर थे। इसी दौरान उन्हें छात्र की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली।
कॉलेज के अंदर पहुंचने पर देखा कि तुषार जमीन पर बेहोशी की हालत में पड़ा था और आसपास मौजूद छात्र उसके पैरों की मालिश कर रहे थे। छात्र की हालत देखकर कॉलेज कर्मचारियों ने तत्काल उसे पास के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने छात्र को सीपीआर दी। सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद कॉलेज कर्मचारियों ने परिजनों को सूचना दी और तुषार को बुलंदशहर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार का सबसे बड़ा बेटा था तुषार
तुषार की अचानक मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान तरुण ने बताया कि तुषार परिवार में सबसे बड़ा था। उसका एक छोटा भाई और एक बहन है। पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। तुषार की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है।
प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार ने बताया कि तुषार का व्यवहार अच्छा था और वह पढ़ाई में भी सामान्य छात्र था। स्कूल में अचानक हुई इस घटना से शिक्षक और छात्र भी स्तब्ध हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि लंच के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद छात्र की जान चली जाएगी।