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Champawat News: 40 हजार श्रद्धालुओं ने मां पूर्णागिरि के दरबार में शीश नवाया
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 07 Mar 2026 10:58 PM IST
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मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु। संवाद
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पूर्णागिरि(चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में मेले के सातवें दिन करीब 40 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाया। इस बीच काली मंदिर से मुख्य मंदिर तक दिन और रात बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं को पुलिस प्रशासन की ओर से आगे बढ़ाया गया। मुख्य मंदिर में रात और दिन श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इससे माहौल भक्ति में डूबा हुआ है।
धाम में दर्शन के लिए होली के तत्काल बाद से श्रद्धालुओं का रेला आना शुरू हो गया था। शनिवार को भी सुबह से जारी रहा। मुख्य मंदिर में 24 घंटे दर्शन के लिए लाइन लगती रही। पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण के लिए बैरियरों पर श्रद्धालुओं को रोका गया। रात और दिन मां के जयकारों की गूंज है। मंदिर कमेटी अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि तिलहर धर्मशाला, टुन्यास, सिद्धमोड़, काली मंदिर, कटौजिया समेत अधिकांश हिस्सों में पेयजल की समस्या सामने आ रही है, इसके लिए जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। पुजारी नंदा बल्लभ तिवारी ने नागा क्षेत्र में पानी की किल्लत होने और विभाग पर अवैध कनेक्शन दिए जाने का आरोप लगाया। इधर, बूम और ठूलीगाड़ में खासी संख्या में वाहन पार्क हुए। जबकि भैरव मंदिर पार्किंग सातवें दिन भी फुल होता रहा। ठूलीगाड़ में भंडारे भी लगे और रैन बसेरों में भी श्रद्धालु आराम करते रहे।
एसडीआरएफ ने बीमार श्रद्धालु को स्ट्रेचर से स्वास्थ्य कैंप पहुंचाया
पूर्णागिरि। मेला क्षेत्र में बीमार श्रद्धालुओं को एसडीआरएफ की ओर से तत्काल अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया जा रहा है। इस बीच टीम ने यूपी के लखीमपुर निवासी श्रद्धालु रेखा पत्नी सोनू की अचानक हालत बिगड़ने पर प्राथमिक उपचार प्रदान किया। टीम ने महिला को स्ट्रेचर से थाना काली मंदिर से स्वास्थ्य कैंप भैरव मंदिर तक सुरक्षित पहुंचाया। इधर, पुलिस ने भी मेले में गुम हुई यूपी के हरदोई निवासी छह वर्ष की बालिका रिसाली को तलाश कर परिजनों को सुपुर्द किया। संवाद
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एक दिन में 9,600 श्रद्धालुओं ने ट्रेन से सफर किया, रेलवे स्टेशन में भीड़
कासगंज और बरेली से दौड़ रही है एक-एक मेला स्पेशल ट्रेन
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि मेले के लिए शुक्रवार से दो मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। 24 घंटे में पैसेंजर और मेला स्पेशल ट्रेनों से में 9,600 श्रद्धालु मां के दर्शन कर लौटे। इस बीच शनिवार को भी सुबह से ही स्टेशन के अंदर भीड़ के बाद परिसर में पेड़ों के नीचे भी श्रद्धालु ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए। स्टेशन में मेला स्पेशल ट्रेन आते और जाते मां के जयकारों से गुंजायमान हो रहा है।
स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि कासगंज से मेला स्पेशल ट्रेन सुबह पांच बजे चलकर टनकपुर 12:13 बजे पहुंचती है, जो दोपहर 1:10 बजे रवाना होकर कासंगज रात आठ बजे पहुंचती है। जबकि बरेली जंक्शन से मेला स्पेशल ट्रेन टनकपुर से सुबह 9:35 बजे चलकर चलती है। बरेली जंक्शन से रात 1:50 बजे चलकर सुबह 5:40 बजे पहुंचती है। इसके अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेन, एक्सप्रेस ट्रेनों से भी श्रद्धालु आ रहे हैं। इस बीच स्टेशन परिसर में ट्रेन के इंतजार में आराम कर रहे एक जत्थे में शामिल चंदौसी की ओमवती ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार की रात 11:30 बजे मां पूर्णागिरि के दर्शन किए थे। ब्रह्मदेव मंडी में सिद्धबाबा के दर्शन और शारदा घाट में स्नान के बाद वापस जा रहे हैं। इस बार मेले में अधिक आसानी से मां के दर्शन से वह उत्साहित नजर आईं। बताया कि 20 श्रद्धालुओं का जत्था उनके साथ है।
शारदा घाट में गोताखोरों ने श्रद्धालु रिश्ते की सास-बहू को डूबने से बचाया
टनकपुर। शारदा घाट में स्नान के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का उमड़ना जारी है। शनिवार को भी घाट में तैनात गोताखोरों ने श्रद्धालु सास-बहू को डूबने से बचाया। जल पुलिस के जवान राकेश गिरि ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे रिश्ते की बहू सरोज (35) पत्नी मुकेश कुशवाहा और रिश्ते की सास राधा बेटी (45) पत्नी केशी निवासी इटावा, उत्तर प्रदेश शारदा घाट पर स्नान करते समय अचानक गहरे पानी में डूबने लगीं। शोर मचाते ही टीम ने कूदकर दोनों को बचा लिया और परिजनों को सुपुर्द किया। बताया कि पहले दोनों घाट में कम गहराई में स्नान किया। इस बीच दोनों फिर घाट के दूसरे कोने में कपड़ा बदलने जाते समय फिर स्नान करने लगे तो वहां गहरा था और डूबने लगे। बचाव टीम जल पुलिस राकेश गिरी,गोताखोर रविंद्र कुमार, पीआरडी सूरज शर्मा शामिल रहे। संवाद
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धाम में दर्शन के लिए होली के तत्काल बाद से श्रद्धालुओं का रेला आना शुरू हो गया था। शनिवार को भी सुबह से जारी रहा। मुख्य मंदिर में 24 घंटे दर्शन के लिए लाइन लगती रही। पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण के लिए बैरियरों पर श्रद्धालुओं को रोका गया। रात और दिन मां के जयकारों की गूंज है। मंदिर कमेटी अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि तिलहर धर्मशाला, टुन्यास, सिद्धमोड़, काली मंदिर, कटौजिया समेत अधिकांश हिस्सों में पेयजल की समस्या सामने आ रही है, इसके लिए जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। पुजारी नंदा बल्लभ तिवारी ने नागा क्षेत्र में पानी की किल्लत होने और विभाग पर अवैध कनेक्शन दिए जाने का आरोप लगाया। इधर, बूम और ठूलीगाड़ में खासी संख्या में वाहन पार्क हुए। जबकि भैरव मंदिर पार्किंग सातवें दिन भी फुल होता रहा। ठूलीगाड़ में भंडारे भी लगे और रैन बसेरों में भी श्रद्धालु आराम करते रहे।
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एसडीआरएफ ने बीमार श्रद्धालु को स्ट्रेचर से स्वास्थ्य कैंप पहुंचाया
पूर्णागिरि। मेला क्षेत्र में बीमार श्रद्धालुओं को एसडीआरएफ की ओर से तत्काल अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया जा रहा है। इस बीच टीम ने यूपी के लखीमपुर निवासी श्रद्धालु रेखा पत्नी सोनू की अचानक हालत बिगड़ने पर प्राथमिक उपचार प्रदान किया। टीम ने महिला को स्ट्रेचर से थाना काली मंदिर से स्वास्थ्य कैंप भैरव मंदिर तक सुरक्षित पहुंचाया। इधर, पुलिस ने भी मेले में गुम हुई यूपी के हरदोई निवासी छह वर्ष की बालिका रिसाली को तलाश कर परिजनों को सुपुर्द किया। संवाद
एक दिन में 9,600 श्रद्धालुओं ने ट्रेन से सफर किया, रेलवे स्टेशन में भीड़
कासगंज और बरेली से दौड़ रही है एक-एक मेला स्पेशल ट्रेन
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि मेले के लिए शुक्रवार से दो मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। 24 घंटे में पैसेंजर और मेला स्पेशल ट्रेनों से में 9,600 श्रद्धालु मां के दर्शन कर लौटे। इस बीच शनिवार को भी सुबह से ही स्टेशन के अंदर भीड़ के बाद परिसर में पेड़ों के नीचे भी श्रद्धालु ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए। स्टेशन में मेला स्पेशल ट्रेन आते और जाते मां के जयकारों से गुंजायमान हो रहा है।
स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि कासगंज से मेला स्पेशल ट्रेन सुबह पांच बजे चलकर टनकपुर 12:13 बजे पहुंचती है, जो दोपहर 1:10 बजे रवाना होकर कासंगज रात आठ बजे पहुंचती है। जबकि बरेली जंक्शन से मेला स्पेशल ट्रेन टनकपुर से सुबह 9:35 बजे चलकर चलती है। बरेली जंक्शन से रात 1:50 बजे चलकर सुबह 5:40 बजे पहुंचती है। इसके अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेन, एक्सप्रेस ट्रेनों से भी श्रद्धालु आ रहे हैं। इस बीच स्टेशन परिसर में ट्रेन के इंतजार में आराम कर रहे एक जत्थे में शामिल चंदौसी की ओमवती ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार की रात 11:30 बजे मां पूर्णागिरि के दर्शन किए थे। ब्रह्मदेव मंडी में सिद्धबाबा के दर्शन और शारदा घाट में स्नान के बाद वापस जा रहे हैं। इस बार मेले में अधिक आसानी से मां के दर्शन से वह उत्साहित नजर आईं। बताया कि 20 श्रद्धालुओं का जत्था उनके साथ है।
शारदा घाट में गोताखोरों ने श्रद्धालु रिश्ते की सास-बहू को डूबने से बचाया
टनकपुर। शारदा घाट में स्नान के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का उमड़ना जारी है। शनिवार को भी घाट में तैनात गोताखोरों ने श्रद्धालु सास-बहू को डूबने से बचाया। जल पुलिस के जवान राकेश गिरि ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे रिश्ते की बहू सरोज (35) पत्नी मुकेश कुशवाहा और रिश्ते की सास राधा बेटी (45) पत्नी केशी निवासी इटावा, उत्तर प्रदेश शारदा घाट पर स्नान करते समय अचानक गहरे पानी में डूबने लगीं। शोर मचाते ही टीम ने कूदकर दोनों को बचा लिया और परिजनों को सुपुर्द किया। बताया कि पहले दोनों घाट में कम गहराई में स्नान किया। इस बीच दोनों फिर घाट के दूसरे कोने में कपड़ा बदलने जाते समय फिर स्नान करने लगे तो वहां गहरा था और डूबने लगे। बचाव टीम जल पुलिस राकेश गिरी,गोताखोर रविंद्र कुमार, पीआरडी सूरज शर्मा शामिल रहे। संवाद