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Champawat News: गोल्ज्यू महोत्सव में पांच लाख से अधिक का कारोबार
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चंपावत के गोरलचौड़ मैदान में चल रहे गोल्ज्यू महोत्सव में दुकान में साड़ियां लेते लोग। संवाद
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चंपावत। नगर के गोल्ज्यू महोत्सव में रविवार खरीदार सैकड़ों की संख्या में परिवार के साथ खरीदारी के लिए पहुंचे। इससे कारोबारियों के चेहरे खिले नजर आए। करीब पांच लाख से अधिक के कारोबार का अनुमान है।
गोल्ज्यू महोत्सव में मौसम की मार के बीच रविवार को कारोबार अच्छा रहा। कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कारोबार अच्छा रहेगा। महोत्सव में लोग दन, कालीन, बेड शीट, कपड़ों की अधिक खरीदारी कर रहे हैं। सबसे अधिक भीड़ सबसे सस्ते सामान की तलाश में लगी है। लोग जरूरत के हिसाब से अपना सामान खरीद रहे हैं। बच्चों के लिए झूले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कारोबारियों ने बताया कि रविवार को कारोबार अच्छा रहा।
ईओ भरत त्रिपाठी ने बताया कि 14, 15 और 16 मई से शाम आठ बजे से स्टार नाइट के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए तैयारियों की जा रही है। कुमाऊंनी लोक कलाकारों से संपर्क कर लिया गया है।
महिलाओं को भा रहीं बंगाल की साड़ियां
गोल्ज्यू महोत्सव में पश्चिम बंगाल की साड़ियां लोगों की पसंद बन रही हैं। पश्चिम बंगाल की साड़ियां कांता, जमदानी, कॉटन, लिनन की साड़ियां की अधिक मांग हो रही है। कारोबारी सुशांतो दास ने बताया कि पश्चिम बंगाल की साड़ियों की खास पहचान है। कांता बंगाल की एक प्राचीन सुई-कढ़ाई कला है। इसमें साधारण रनिंग स्टिच का उपयोग करके पूरी साड़ी पर मनमोहक डिजाइन उकेरे जाते हैं। इन साड़ियों के पल्लू और किनारों पर फूल, पक्षी और लोक कथाओं से जुड़े रूपांकन होते हैं। यह मुख्य रूप से सूती और टसर सिल्क बेस पर बनाई जाती हैं। इन साड़ियों को हाथों से धोया जाता है। उन्होंने बताया कि साड़ियों की कीमत 800 रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक है।
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गोल्ज्यू महोत्सव में मौसम की मार के बीच रविवार को कारोबार अच्छा रहा। कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कारोबार अच्छा रहेगा। महोत्सव में लोग दन, कालीन, बेड शीट, कपड़ों की अधिक खरीदारी कर रहे हैं। सबसे अधिक भीड़ सबसे सस्ते सामान की तलाश में लगी है। लोग जरूरत के हिसाब से अपना सामान खरीद रहे हैं। बच्चों के लिए झूले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कारोबारियों ने बताया कि रविवार को कारोबार अच्छा रहा।
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ईओ भरत त्रिपाठी ने बताया कि 14, 15 और 16 मई से शाम आठ बजे से स्टार नाइट के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए तैयारियों की जा रही है। कुमाऊंनी लोक कलाकारों से संपर्क कर लिया गया है।
महिलाओं को भा रहीं बंगाल की साड़ियां
गोल्ज्यू महोत्सव में पश्चिम बंगाल की साड़ियां लोगों की पसंद बन रही हैं। पश्चिम बंगाल की साड़ियां कांता, जमदानी, कॉटन, लिनन की साड़ियां की अधिक मांग हो रही है। कारोबारी सुशांतो दास ने बताया कि पश्चिम बंगाल की साड़ियों की खास पहचान है। कांता बंगाल की एक प्राचीन सुई-कढ़ाई कला है। इसमें साधारण रनिंग स्टिच का उपयोग करके पूरी साड़ी पर मनमोहक डिजाइन उकेरे जाते हैं। इन साड़ियों के पल्लू और किनारों पर फूल, पक्षी और लोक कथाओं से जुड़े रूपांकन होते हैं। यह मुख्य रूप से सूती और टसर सिल्क बेस पर बनाई जाती हैं। इन साड़ियों को हाथों से धोया जाता है। उन्होंने बताया कि साड़ियों की कीमत 800 रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक है।