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Champawat News: टनकपुर अस्पताल में सीटी स्कैन की जगी उम्मीद, हीरो मोटोकॉर्प ने बढ़ाया मदद का हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:24 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। पहाड़ के प्रवेश द्वार टनकपुर स्थित उप जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा जल्द शुरू होने की उम्मीद जग गई है। गंभीर मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को अब जांच के लिए हल्द्वानी या बाहरी शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बाइक निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (हरिद्वार) अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड से यहां सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए आगे आई है।
वर्तमान में टनकपुर अस्पताल की ओपीडी प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की है। इसके अलावा, वार्षिक पूर्णागिरि मेले के दौरान यहां लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा न होने के कारण सड़क हादसों के घायलों और सिर की चोट वाले मरीजों को मजबूरी में रेफर करना पड़ता है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब पांच करोड़ रुपये है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि हीरो मोटोकॉर्प की सीएसआर टीम के अधिकारी पंकज भट्ट के नेतृत्व में 17 फरवरी को अस्पताल का प्रारंभिक निरीक्षण किया जा चुका है। टीम ने मरीजों की संख्या और अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाओं का विवरण जुटाया है।
कोट
कंपनी की टीम एक बार विजिट कर चुकी है। अब तकनीकी टीम के आने का इंतजार है जिसके बाद स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। यह सुविधा सीमांत क्षेत्र के मरीजों और श्रद्धालुओं के लिए जीवन रक्षक साबित होगी। - डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ, चंपावत
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वर्तमान में टनकपुर अस्पताल की ओपीडी प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की है। इसके अलावा, वार्षिक पूर्णागिरि मेले के दौरान यहां लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा न होने के कारण सड़क हादसों के घायलों और सिर की चोट वाले मरीजों को मजबूरी में रेफर करना पड़ता है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब पांच करोड़ रुपये है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि हीरो मोटोकॉर्प की सीएसआर टीम के अधिकारी पंकज भट्ट के नेतृत्व में 17 फरवरी को अस्पताल का प्रारंभिक निरीक्षण किया जा चुका है। टीम ने मरीजों की संख्या और अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाओं का विवरण जुटाया है।
कोट
कंपनी की टीम एक बार विजिट कर चुकी है। अब तकनीकी टीम के आने का इंतजार है जिसके बाद स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। यह सुविधा सीमांत क्षेत्र के मरीजों और श्रद्धालुओं के लिए जीवन रक्षक साबित होगी। - डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ, चंपावत

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