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Champawat News: शहीद लांस नायक रेवाधर के नाम से जाना जाएगा खेतीखान आईटीआई
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:28 PM IST
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शहीद लांस नायक रेवाधर। स्रोत : परिवार
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चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चंपावत के खेतीखान स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का नाम शहीद लांस नायक रेवाधर के नाम पर रखने की घोषणा की है। अब यह संस्थान शहीद लांस नायक रेवाधर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के नाम से जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वीर शहीदों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने और उनके सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस निर्णय को प्रदेश के वीर सपूतों को सच्ची श्रद्धांजलि बताते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का नाम शहीदों के नाम पर रखने से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और उनमें राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होगी।
यह निर्णय राज्य सरकार की उस व्यापक सोच का हिस्सा है जिसके तहत उत्तराखंड में सैन्य धाम की अवधारणा को साकार किया जा रहा है और शहीद परिवारों को सम्मान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को नाम परिवर्तन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और शहीद के परिजनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे गर्व और सम्मान का प्रतीक बताया है।
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वर्ष 1971 के युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान
शहीद लांस नायक रेवाधर डुंगरिया 1829 पायनियर कंपनी में तैनात थे। उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की थी। वह मूल रूप से चंपावत जिले के खेतीखान क्षेत्र के ग्राम गोसनी के निवासी थे और पांच भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर थे। उनकी पत्नी माधवी देवी वर्तमान में टनकपुर में निवास करती हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वीर शहीदों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने और उनके सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस निर्णय को प्रदेश के वीर सपूतों को सच्ची श्रद्धांजलि बताते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का नाम शहीदों के नाम पर रखने से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और उनमें राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होगी।
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यह निर्णय राज्य सरकार की उस व्यापक सोच का हिस्सा है जिसके तहत उत्तराखंड में सैन्य धाम की अवधारणा को साकार किया जा रहा है और शहीद परिवारों को सम्मान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को नाम परिवर्तन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और शहीद के परिजनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे गर्व और सम्मान का प्रतीक बताया है।
वर्ष 1971 के युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान
शहीद लांस नायक रेवाधर डुंगरिया 1829 पायनियर कंपनी में तैनात थे। उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की थी। वह मूल रूप से चंपावत जिले के खेतीखान क्षेत्र के ग्राम गोसनी के निवासी थे और पांच भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर थे। उनकी पत्नी माधवी देवी वर्तमान में टनकपुर में निवास करती हैं।
