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Champawat News: मां पूर्णागिरि धाम को मई 2027 तक मिलेगी रोपवे की सौगात
Tue, 04 Aug 2026 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:15 PM IST
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टनकपुर के मां पूर्णागिरि धाम में रोपवे के अपर टर्मिनल तक मैटेरियल रोपवे और अपर टर्मिनल की खुदाई
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं को जल्द ही रोपवे की सुविधा मिलने वाली है। करीब 950 मीटर लंबे निर्माणाधीन रोपवे का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बारिश के मौसम के बावजूद निर्माण कार्य जारी है और कार्यदायी संस्था ने मई 2027 तक रोपवे का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। रोपवे शुरू होने के बाद हनुमान चट्टी से काली मंदिर तक की छह किलोमीटर की कठिन चढ़ाई महज सात मिनट में पूरी की जा सकेगी।
करीब तीन वर्षों की कवायद के बाद मई 2025 से पीपी मॉडल पर रोपवे का निर्माण कार्य शुरू हुआ। दिल्ली की केआर आनंद कंस्ट्रक्शन लिमिटेड इस परियोजना का निर्माण कर रही है। कंपनी अपने खर्च पर रोपवे का निर्माण कर रही है और 40 वर्ष की लीज पर इसका संचालन करेगी। अनुबंध के तहत कंपनी सरकार को 20 प्रतिशत राजस्व टैक्स के रूप में देगी।
रोपवे के जरिये श्रद्धालु लगभग 250 मीटर की ऊंचाई पर सफर करते हुए सात मिनट में काली मंदिर तक पहुंच सकेंगे। इसकी एक बार में 60 से अधिक यात्रियों को ले जाने की क्षमता होगी जबकि प्रति घंटे करीब 800 श्रद्धालु यात्रा कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में हनुमान चट्टी स्थित लोअर टर्मिनल पर बारिश रुकने के बाद कॉलम और बीम डालने का कार्य किया जा रहा है। वहीं काली मंदिर के पास अपर टर्मिनल के लिए खोदाई का कार्य जारी है। निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए हनुमान चट्टी से अपर टर्मिनल तक मैटेरियल रोपवे भी तैयार कर लिया गया है जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई है।
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कार्यदायी संस्था के अनुसार फरवरी 2027 तक मुख्य रोपवे के तार बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है जिससे मई 2027 तक श्रद्धालुओं के लिए रोपवे सेवा शुरू होने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
केआर आनंद कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के मैनेजर, महेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि रोपवे निर्माण होने के बाद मई 2027 तक रोपवे संचालन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। बारिश में भी हर संभव कार्य किया जा रहा है। जल्द ही शेष कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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करीब तीन वर्षों की कवायद के बाद मई 2025 से पीपी मॉडल पर रोपवे का निर्माण कार्य शुरू हुआ। दिल्ली की केआर आनंद कंस्ट्रक्शन लिमिटेड इस परियोजना का निर्माण कर रही है। कंपनी अपने खर्च पर रोपवे का निर्माण कर रही है और 40 वर्ष की लीज पर इसका संचालन करेगी। अनुबंध के तहत कंपनी सरकार को 20 प्रतिशत राजस्व टैक्स के रूप में देगी।
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रोपवे के जरिये श्रद्धालु लगभग 250 मीटर की ऊंचाई पर सफर करते हुए सात मिनट में काली मंदिर तक पहुंच सकेंगे। इसकी एक बार में 60 से अधिक यात्रियों को ले जाने की क्षमता होगी जबकि प्रति घंटे करीब 800 श्रद्धालु यात्रा कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में हनुमान चट्टी स्थित लोअर टर्मिनल पर बारिश रुकने के बाद कॉलम और बीम डालने का कार्य किया जा रहा है। वहीं काली मंदिर के पास अपर टर्मिनल के लिए खोदाई का कार्य जारी है। निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए हनुमान चट्टी से अपर टर्मिनल तक मैटेरियल रोपवे भी तैयार कर लिया गया है जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई है।
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कार्यदायी संस्था के अनुसार फरवरी 2027 तक मुख्य रोपवे के तार बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है जिससे मई 2027 तक श्रद्धालुओं के लिए रोपवे सेवा शुरू होने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
केआर आनंद कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के मैनेजर, महेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि रोपवे निर्माण होने के बाद मई 2027 तक रोपवे संचालन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। बारिश में भी हर संभव कार्य किया जा रहा है। जल्द ही शेष कार्य पूरा कर लिया जाएगा।