उत्तराखंड: चंपावत से पिथौरागढ़ तक भारी बारिश, काली नदी खतरे के निशान पर; स्कूली बच्चे हुए परेशान
चंपावत में बृहस्पतिवार सुबह 6:30 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे स्कूल जा रहे बच्चों और अभिभावकों को छाता होने के बावजूद भीगने की समस्या हुई। नैनीताल में बारिश-कोहरा और रामनगर में ब्लॉक सभागार परिसर में जलभराव की स्थिति बनी रही।
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चंपावत नगर में बृहस्पतिवार की सुबह से बदल छाए रहे हैं। इसके बाद करीब 6:30 बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई बारिश से स्कूल जा रहे बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत उन अभिभावकों को हुई जो अपने छोटे बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे थे। छाता होने का बाद भी बारिश से बच पाना मुश्किल रहा। बच्चे भीगने से बच नहीं पाए। वहीं, काशीपुर में सुबह से बूंदाबांदी हो रही है। नैनीताल में भी बारिश और घना कोहरा छाया रहा। रामनगर में बृहस्पतिवार को हुई बारिश के बाद ब्लॉक सभागार के परिसर में जलभराव हुआ।
पिथौरागढ़ में भारी बारिश, काली ने किया चेतावनी स्तर पार
पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश जनजीवन प्रभावित हो गया है। सुबह से जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हुई। जिला मुख्यालय में 0.5, बेड़ीनाग में 23.3, मुनस्यारी में 36.2, बंगापानी में 48, गणाई गंगोली में 6, देवलथल में 10, गंगोलीहाट में 6.5, डीडीहाट में 16, धारचूला में 17, कनालीछीना में 16, तेजम में 36 और थल में 38.8 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के बाद काली नदी का जलस्तर बढ़ गया है और इसने चेतावनी स्तर को पार कर लिया है। काली नदी का चेतावनी स्तर 889 मीटर है जबकि यह 889.40 मीटर पर बह रही है। काली का जलस्तर बढ़ने से किनारे बसे धारचूला, बलुवाकोट, जौलजीबी, तीतरी, ड्योड़ा, झूलाघाट के लोगों में दहशत का माहौल है।