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Haridwar News: सेवानिवृत्त जज का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप, रिपोर्ट दर्ज
Sun, 26 Jul 2026 07:19 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Sun, 26 Jul 2026 07:19 PM IST
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- ज्वालापुर पुलिस ने अदालत के आदेश पर दर्ज किया मामला, जांच शुरू
- पहली पत्नी के पुत्र, उसके चाचा पर फर्जी दस्तावेज से प्रमाण पत्र हासिल करने का आरोप
हरिद्वार। सेवानिवृत्त अपर जिला व सत्र न्यायाधीश का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहली पत्नी के पुत्र और उसके चाचा ने कूटरचना कर गलत पते के आधार पर मृत्यु प्रमाणपत्र हासिल कर लिया। ज्वालापुर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रमिला राठी निवासी गाजीवाली, थाना श्यामपुर ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि सेवानिवृत्त अपर जिला व सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह राठी की पहली पत्नी शशि प्रभा की 21 दिसंबर 1996 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद राजेंद्र सिंह राठी से उनका विवाह वर्ष 2003 में हुआ था जिसका विधिवत पंजीकरण भी कराया गया था। उन्होंने बताया कि राजेंद्र सिंह राठी का 10 जून 2025 को निधन हो गया था। आरोप है कि पति के निधन के बाद उनकी पहली पत्नी से जन्मे पुत्र राहुल राठी निवासी नील खुदाना ज्वालापुर ने अपने चाचा रवि उर्फ रविंद्र सिंह के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। आरोप है कि वास्तविक स्थान के बजाय पिता की मृत्यु ज्वालापुर स्थित नीलखुदाना में रवि उर्फ रविंद्र सिंह के यहां मृत्यु होना दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया। इसकी जानकारी हाल ही में उन्हें मिली। ग्राम पंचायत गाजीवाली की जांच के बाद सही पते के आधार पर उन्हें वैध मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया। आरोप लगाया कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ ज्वालापुर संजय चौहान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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- पहली पत्नी के पुत्र, उसके चाचा पर फर्जी दस्तावेज से प्रमाण पत्र हासिल करने का आरोप
हरिद्वार। सेवानिवृत्त अपर जिला व सत्र न्यायाधीश का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहली पत्नी के पुत्र और उसके चाचा ने कूटरचना कर गलत पते के आधार पर मृत्यु प्रमाणपत्र हासिल कर लिया। ज्वालापुर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रमिला राठी निवासी गाजीवाली, थाना श्यामपुर ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि सेवानिवृत्त अपर जिला व सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह राठी की पहली पत्नी शशि प्रभा की 21 दिसंबर 1996 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद राजेंद्र सिंह राठी से उनका विवाह वर्ष 2003 में हुआ था जिसका विधिवत पंजीकरण भी कराया गया था। उन्होंने बताया कि राजेंद्र सिंह राठी का 10 जून 2025 को निधन हो गया था। आरोप है कि पति के निधन के बाद उनकी पहली पत्नी से जन्मे पुत्र राहुल राठी निवासी नील खुदाना ज्वालापुर ने अपने चाचा रवि उर्फ रविंद्र सिंह के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। आरोप है कि वास्तविक स्थान के बजाय पिता की मृत्यु ज्वालापुर स्थित नीलखुदाना में रवि उर्फ रविंद्र सिंह के यहां मृत्यु होना दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया। इसकी जानकारी हाल ही में उन्हें मिली। ग्राम पंचायत गाजीवाली की जांच के बाद सही पते के आधार पर उन्हें वैध मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया। आरोप लगाया कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ ज्वालापुर संजय चौहान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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