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Haridwar News: लालढांग में हाथियों ने बढ़ाई मुश्किलें, धान और गन्ने की फसलें बरबाद
Wed, 22 Jul 2026 07:06 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Wed, 22 Jul 2026 07:06 PM IST
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- नयागांव और रसूलपुर गोठ के किसानों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और हाथियों की आवाजाही रोकने की मांग की
लालढांग। लालढांग क्षेत्र के नयागांव और रसूलपुर गोठ में हाथियों की दहशत लगातार बढ़ रही है। मंगलवार रात हाथियों ने नयागांव में किसानों की धान की पौध रौंद दी, जबकि रसूलपुर गोठ में गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। इससे किसानों में दहशत और नाराजगी है।
नयागांव के किसान वसीम शाह, संदीप रावत, गोला और अब्दुल रहीम ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से हाथी रोज गांव में आकर धान की पौध नष्ट कर रहे हैं जिससे दोबारा रोपाई के लिए पौध की कमी हो गई है। वहीं, रसूलपुर गोठ के किसान महबूब, सुदामा, याकूब, अय्यूब, नवीन बडोला और नसीम ने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे होने के कारण जंगली हाथियों का मूवमेंट लगातार बना रहता है। शाम ढलते ही हाथी खेतों में पहुंच जाते हैं, जिससे किसान फसलों की रखवाली भी नहीं कर पा रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद वन विभाग ने गश्त बढ़ाने या हाथियों को आबादी और खेतों में आने से रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने वन विभाग से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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लालढांग। लालढांग क्षेत्र के नयागांव और रसूलपुर गोठ में हाथियों की दहशत लगातार बढ़ रही है। मंगलवार रात हाथियों ने नयागांव में किसानों की धान की पौध रौंद दी, जबकि रसूलपुर गोठ में गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। इससे किसानों में दहशत और नाराजगी है।
नयागांव के किसान वसीम शाह, संदीप रावत, गोला और अब्दुल रहीम ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से हाथी रोज गांव में आकर धान की पौध नष्ट कर रहे हैं जिससे दोबारा रोपाई के लिए पौध की कमी हो गई है। वहीं, रसूलपुर गोठ के किसान महबूब, सुदामा, याकूब, अय्यूब, नवीन बडोला और नसीम ने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे होने के कारण जंगली हाथियों का मूवमेंट लगातार बना रहता है। शाम ढलते ही हाथी खेतों में पहुंच जाते हैं, जिससे किसान फसलों की रखवाली भी नहीं कर पा रहे हैं।
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किसानों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद वन विभाग ने गश्त बढ़ाने या हाथियों को आबादी और खेतों में आने से रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने वन विभाग से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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