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बेटियों का सशक्त होना अनिवार्य: शैफाली पंड्या
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Thu, 18 Jun 2026 05:21 PM IST
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- शांतिकुंज में तीन दिवसीय कन्या कौशल शिविर शरू
- शिविर में भाग लेने के लिए जम्मू-कश्मीर से पहुंचीं बेटियां
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में जम्मू-कश्मीर प्रांत की बेटियों के लिए तीन दिवसीय कन्या कौशल शिविर का शुभारंभ हुआ। तीन दिन चलने वाले इस शिविर में भाग लेने के लिए जम्मू-कश्मीर से बेटियां और अभिभावकों सहित 200 से अधिक परिजनों का दल शांतिकुंज पहुंचा है। शिविर का शुभारंभ करते हुए गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधन समिति की प्रमुख शैफाली पंड्या ने सुखद और सफल भविष्य निर्माण के महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बेटियों का सशक्त होना अनिवार्य है। उन्होंने व्यक्तित्व विकास, आंतरिक सौंदर्य, स्वास्थ्य संरक्षण और स्व-सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तृत प्रकाश डाला। इसके साथ ही वर्तमान समय की मांग को देखते हुए उन्होंने सोशल मीडिया व मोबाइल के सुरक्षित व सकारात्मक उपयोग के प्रति भी बालिकाओं को जागरूक किया। देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने बेटियों को आत्मनिर्माण के साथ-साथ लोककल्याण के कार्यों में आगे बढ़कर कार्य करने के विविध सूत्र बताया। डाॅ. पंड्या ने कहा कि समाज के नव-निर्माण के लिए आत्मनिर्माण पहली शर्त है। शिविर समन्वयक ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले इस वैचारिक और कौशल विकास सत्र में प्रतिभागियों को बेटियों को स्व-सुरक्षा के गुर सहित विभिन्न जीवनोपयोगी विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- शिविर में भाग लेने के लिए जम्मू-कश्मीर से पहुंचीं बेटियां
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में जम्मू-कश्मीर प्रांत की बेटियों के लिए तीन दिवसीय कन्या कौशल शिविर का शुभारंभ हुआ। तीन दिन चलने वाले इस शिविर में भाग लेने के लिए जम्मू-कश्मीर से बेटियां और अभिभावकों सहित 200 से अधिक परिजनों का दल शांतिकुंज पहुंचा है। शिविर का शुभारंभ करते हुए गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधन समिति की प्रमुख शैफाली पंड्या ने सुखद और सफल भविष्य निर्माण के महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बेटियों का सशक्त होना अनिवार्य है। उन्होंने व्यक्तित्व विकास, आंतरिक सौंदर्य, स्वास्थ्य संरक्षण और स्व-सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तृत प्रकाश डाला। इसके साथ ही वर्तमान समय की मांग को देखते हुए उन्होंने सोशल मीडिया व मोबाइल के सुरक्षित व सकारात्मक उपयोग के प्रति भी बालिकाओं को जागरूक किया। देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने बेटियों को आत्मनिर्माण के साथ-साथ लोककल्याण के कार्यों में आगे बढ़कर कार्य करने के विविध सूत्र बताया। डाॅ. पंड्या ने कहा कि समाज के नव-निर्माण के लिए आत्मनिर्माण पहली शर्त है। शिविर समन्वयक ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले इस वैचारिक और कौशल विकास सत्र में प्रतिभागियों को बेटियों को स्व-सुरक्षा के गुर सहित विभिन्न जीवनोपयोगी विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।