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Haridwar News: हरिद्वार-लक्सर मार्ग हुआ भगवा रंग से सराबोर
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क्षेत्र में हरिद्वार-लक्सर मार्ग से होकर हरिद्वार में वाहनों से दिन-रात हजारों की संख्या में कांवड़िये पहुंच रहे हैं। पिछले कई दिनों से हरिद्वार-लक्सर मार्ग भगवा रंग में सराबोर दिखाई दे रहा है।
क्षेत्र में हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर शिवभक्ति की ऐसी गूंज है कि पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा है। भगवान भोलेनाथ के भजनों की मधुर धुन, डमरू की गूंज और हर-हर महादेव के जयघोष से ऐसा प्रतीत होता है।
मानो संपूर्ण देवभूमि शिवलोक में परिवर्तित हो गई हो। भोले शंकर के गीतों और जयकारों से हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर सड़क किनारे पड़ने वाले गांवों का वातावरण भी शिवमय हो गया है। जब ये भव्य कांवड़ मार्ग से गुजरती हैं तो हजारों श्रद्धालु सड़क किनारे खड़े होकर उनके दर्शन करते हैं। कई लोग हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हैं। हे भोलेनाथ! हमारी भी मनोकामना पूर्ण करें, सभी शिवभक्तों की यात्रा सकुशल संपन्न करें। यह दृश्य केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत अनुभूति बन जाता है। हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर ऐसी भव्य और दिव्य कांवड़ यात्रा वर्ष में केवल सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर ही देखने को मिलती है।
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क्षेत्र में हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर शिवभक्ति की ऐसी गूंज है कि पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा है। भगवान भोलेनाथ के भजनों की मधुर धुन, डमरू की गूंज और हर-हर महादेव के जयघोष से ऐसा प्रतीत होता है।
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मानो संपूर्ण देवभूमि शिवलोक में परिवर्तित हो गई हो। भोले शंकर के गीतों और जयकारों से हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर सड़क किनारे पड़ने वाले गांवों का वातावरण भी शिवमय हो गया है। जब ये भव्य कांवड़ मार्ग से गुजरती हैं तो हजारों श्रद्धालु सड़क किनारे खड़े होकर उनके दर्शन करते हैं। कई लोग हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हैं। हे भोलेनाथ! हमारी भी मनोकामना पूर्ण करें, सभी शिवभक्तों की यात्रा सकुशल संपन्न करें। यह दृश्य केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत अनुभूति बन जाता है। हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर ऐसी भव्य और दिव्य कांवड़ यात्रा वर्ष में केवल सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर ही देखने को मिलती है।
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